बंगाल के मदरसों में वंदे मातरम गाना हुआ अनिवार्य
बंगाल सरकार का नया आदेश
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की शुभेंदु सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य के अल्पसंख्यक कार्य और मदरसा शिक्षा विभाग ने एक आदेश जारी किया है, जिसके अनुसार सभी मदरसों में वंदे मातरम गाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह नियम सरकारी मदरसों के साथ-साथ सभी सहायता प्राप्त और गैर सहायता प्राप्त मदरसों पर भी लागू होगा।
पिछले निर्देशों का संदर्भ
पिछले सप्ताह, स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया था कि कक्षाएं शुरू होने से पहले वंदे मातरम का गायन सुनिश्चित किया जाए। इस आदेश में कहा गया था कि सुबह की प्रार्थना सभा में वंदे मातरम का गाना अनिवार्य होगा, ताकि सभी छात्र इसे गा सकें। यह कदम केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जनवरी में जारी निर्देश के बाद उठाया गया है, जिसमें वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में इसे गाने की बात कही गई थी।
नए आदेश में अस्पष्टताएँ
हालांकि, नए आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि क्या राज्य गीत 'बांग्लार माटी बांग्लार जल' को वंदे मातरम और राष्ट्रगान के साथ जारी रखा जाएगा। कुछ स्कूल प्रमुखों ने इस पर व्यावहारिक दिक्कतों की ओर इशारा किया है। एक स्कूल प्रमुख ने कहा कि राष्ट्रगान को हटाना संभव नहीं है, और अगर वंदे मातरम पहले गाया जाएगा, तो कक्षाएं शुरू होने में देरी हो सकती है।
शिक्षा विभाग की प्रतिक्रिया
शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि नए निर्देश में केवल वंदे मातरम को लेकर आदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि हमें इसे स्कूल प्रार्थना के रूप में शामिल करने के लिए कहा गया है, लेकिन राज्य गीत का कोई उल्लेख नहीं है। कई स्कूलों ने इस आदेश को लागू करना भी शुरू कर दिया है। जादवपुर विद्यापीठ के प्रधानाध्यापक पार्थ प्रतिम बैद्य ने कहा कि पिछले सप्ताह से हम राष्ट्रगान से पहले वंदे मातरम गा रहे हैं।