बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी को दो बड़े झटके
बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी को हाल ही में दो बड़े झटके लगे हैं। प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई और ऋतब्रत बनर्जी की नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता ने राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया है। क्या यह सत्ताधारी पार्टी के लिए नई चुनौतियों का संकेत है? जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
Jun 3, 2026, 17:56 IST
बंगाल में ममता बनर्जी को झटके
बंगाल की राजनीतिक स्थिति में ममता बनर्जी को हाल ही में दो महत्वपूर्ण झटके लगे हैं। एक ओर, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अभिषेक बनर्जी के निवास पर पहुंची है, वहीं दूसरी ओर विधानसभा के स्पीकर ने ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष (LoP) के रूप में मान्यता दी है। इस स्थिति ने सवाल उठाया है कि क्या बंगाल की राजनीति में सत्ताधारी पार्टी के लिए नई चुनौतियों का सामना करना शुरू हो गया है?
णमूल कांग्रेस से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता दी, जब 60 विधायकों ने उनके समर्थन में पत्र प्रस्तुत किया। ऋतब्रत ने कहा कि टीएमसी विधायक दल में 58 विधायक शामिल हैं, जिन्होंने पार्टी चिन्ह पर जीत हासिल की है, और दो अन्य विधायक भी जल्द ही उनके साथ जुड़ेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि जावेद खान, संदीपान साहा, सबीना यास्मीन और शिउली साहा टीएमसी विधायक दल के उपनेता होंगे।
इसी संदर्भ में, टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी ने विधानसभा अध्यक्ष रथेंद्र बोस को संबोधित करते हुए पार्टी की प्रमुख नियुक्तियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शोभनदेब चट्टोपाध्याय को सदन का नेता नियुक्त किया गया है। आशिमा पात्रा और नयना बंदोपाध्याय को विधानसभा में उपनेता नियुक्त किया गया है, जबकि फिरहाद हकीम को मुख्य सचेतक बनाया गया है। णमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने सोमवार को अपने दो विधायकों, संदीपान साहा और ऋतब्रता बनर्जी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है।