फलों में मिलावट: कार्बाइड से पके आम बन सकते हैं स्वास्थ्य के लिए हानिकारक
फल खाने में बढ़ती चिंता
आजकल लोग फलों के सेवन को लेकर चिंतित हो गए हैं। सब्जियों की तुलना में फलों में मिलावट की समस्या अधिक बढ़ गई है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। विशेष रूप से, कार्बाइड से पके आम का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। किसान जल्दी पकाने के लिए आमों को कार्बाइड से पका रहे हैं। देखने में कार्बाइड से पके और ऑर्गेनिक आम में कोई स्पष्ट अंतर नहीं होता, लेकिन स्वाद, सुगंध और कीमत में बड़ा भेद होता है।
दिल्ली की मंडियों में आम की कीमतें
दिल्ली की मंडियों में आम की कई किस्में उपलब्ध हैं। गर्मियों में आम सबसे अधिक बिकने वाला फल है। गाजीपुर मंडी में दो प्रकार के आम मिलते हैं: एक कार्बाइड फ्री, जो ऑर्गेनिक तरीके से पकाया गया है, और दूसरा कार्बाइड से पकाया गया। इन दोनों के दाम में काफी अंतर है। ऑर्गेनिक आम की कीमत ₹150 प्रति किलो है, जबकि कार्बाइड से पका आम ₹80 प्रति किलो बिकता है।
कौन सा आम है बेहतर?
ऑर्गेनिक आम: आम डीलर ने बताया कि वे साउथ इंडिया से आम मंगा रहे हैं, जिनमें स्कैनर लगा होता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आम कार्बाइड फ्री हैं। इसकी कीमत बाजार में मिलने वाले आम से लगभग दोगुनी है, क्योंकि इसे पकाने में अधिक मेहनत और देखरेख की आवश्यकता होती है।
कार्बाइड से पके आम: एक अन्य विक्रेता ने बताया कि वह कार्बाइड से पका आम बेच रहा है, जिसमें कार्बाइड की पुड़िया भी होती है। यह आम सस्ता है और इसकी कीमत ₹80 किलो है।
कार्बाइड और ऑर्गेनिक आम में अंतर
आम को देखकर यह पता लगाना मुश्किल है कि वह कैसे पका है, क्योंकि दोनों का दिखने में कोई खास अंतर नहीं होता। लेकिन खाने में स्वाद का फर्क होता है।
स्वाद में अंतर
ऑर्गेनिक आम अधिक मीठे और सुगंधित होते हैं। ये आम बाहरी तौर पर सख्त होते हैं और अंदर से पकते हैं। जबकि कार्बाइड से पका आम केमिकल के कारण ऊपर से पकता है। ऐसे आम दिखने में पीले और पके लगते हैं, लेकिन अंदर से कच्चे होते हैं। इनके स्वाद में केमिकल की तीखी गंध होती है, जो खाने पर मुंह में अजीब अनुभव देती है।