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फतेहपुर रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म परिवर्तन से मची भगदड़, दो डिप्टी स्टेशन मास्टर निलंबित

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म परिवर्तन की अचानक घोषणा ने यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मचा दी। मुंबई जाने वाली लोकमान्य तिलक टर्मिनस ट्रेन का प्लेटफार्म अंतिम समय में बदलने से यात्रियों ने ट्रैक पार करना शुरू कर दिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। रेलवे प्रशासन ने इस लापरवाही के लिए दो डिप्टी स्टेशन मास्टरों को निलंबित कर दिया है। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और रेलवे अधिकारियों की प्रतिक्रिया।
 

फतेहपुर रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म परिवर्तन की घोषणा ने यात्रियों को संकट में डाला


उत्तर प्रदेश के फतेहपुर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया। लोकमान्य तिलक टर्मिनस ट्रेन का प्लेटफार्म अचानक बदलने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। ट्रेन को पहले प्लेटफार्म नंबर 1 पर दिखाया गया था, लेकिन अंतिम समय में इसे प्लेटफार्म नंबर 2 पर रोक दिया गया। इस स्थिति में यात्रियों ने ट्रैक पार करना शुरू कर दिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।


ट्रेन पकड़ने की जल्दी में यात्रियों ने बच्चों और सामान के साथ रेलवे ट्रैक पार किया। इस दौरान एक युवक ट्रेन की चपेट में आने से बाल-बाल बच गया। घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने दो डिप्टी स्टेशन मास्टरों को निलंबित कर दिया और जांच शुरू कर दी है।


घटना का विवरण

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कानपुर सेंट्रल से लोकमान्य तिलक टर्मिनल जाने वाली ट्रेन अपने निर्धारित समय से लगभग आधा घंटा देरी से फतेहपुर स्टेशन पहुंची। स्टेशन के इन्क्वारी बोर्ड और डिजिटल डिस्प्ले में ट्रेन का आगमन प्लेटफार्म नंबर 1 पर दिखाया गया था। इस सूचना के आधार पर बड़ी संख्या में यात्री प्लेटफार्म नंबर 1 पर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे।


हालांकि, जैसे ही ट्रेन स्टेशन के आउटर के पास पहुंची, अचानक घोषणा हुई कि ट्रेन प्लेटफार्म नंबर 2 पर आएगी। यह सुनते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया।


खतरनाक स्थिति का सामना

ट्रेन छूटने के डर में यात्रियों ने फुट ओवर ब्रिज का उपयोग करने के बजाय सीधे रेलवे ट्रैक पार करना शुरू कर दिया। कुछ ही मिनटों में प्लेटफार्म नंबर 1 से प्लेटफार्म नंबर 2 की ओर भागते यात्रियों की भीड़ दिखाई देने लगी। महिलाएं बच्चों को संभालते हुए दौड़ रही थीं जबकि कई यात्री भारी बैग और सामान लेकर ट्रैक पार कर रहे थे। इस दौरान स्टेशन पर बेहद खतरनाक स्थिति बन गई।


रिपोर्ट्स के अनुसार, एक युवक ट्रेन में चढ़ने की जल्दी में ट्रेन के बेहद करीब पहुंच गया और उसकी जान पर बन आई। प्लेटफार्म पर मौजूद लोगों और रेलवे कर्मचारियों ने तेजी दिखाते हुए युवक को बाहर खींच लिया, जिससे वह हादसे का शिकार होने से बच गया।


रेलवे अधिकारियों की प्रतिक्रिया

घटना के बाद रेलवे प्रशासन पर गंभीर सवाल उठने लगे। डीआरएम कार्यालय की ओर से सफाई जारी की गई। डीआरएम के पीआरओ अमित सिंह ने कहा कि कई बार तकनीकी कारणों से प्लेटफार्म बदलना पड़ता है। उन्होंने दावा किया कि यात्रियों को प्लेटफार्म परिवर्तन की सूचना समय से देने का प्रयास किया जाता है ताकि लोग सुरक्षित तरीके से दूसरे प्लेटफार्म तक पहुंच सकें।


सख्त कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने शनिवार को दो डिप्टी एसएस यानी उप स्टेशन अधीक्षक अर्चना और निशा देवी को निलंबित कर दिया। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। रेलवे विभाग के अनुसार स्टेशन संचालन और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना डिप्टी एसएस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। इस कार्रवाई के बाद रेलवे विभाग में खलबली मची हुई है।