फडणवीस ने महायुति के चुनावी गठबंधन पर स्पष्टता दी
भाजपा और महायुति का भविष्य
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को यह स्पष्ट किया कि भाजपा के नेतृत्व वाला महायुति गठबंधन भविष्य में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) या शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ किसी भी प्रकार का राजनीतिक गठबंधन नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि उनका गठबंधन स्वतंत्र रूप से चुनाव जीतने में पूरी तरह सक्षम है। फडणवीस ने कहा, "हमें भविष्य में एमवीए या उद्धव ठाकरे की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। हम उनके साथ कभी गठबंधन नहीं कर सकते। हम इस चुनाव में जीत हासिल कर रहे हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि वे उनके 'दुश्मन' नहीं हैं और भविष्य में चाय पर चर्चा कर सकते हैं, लेकिन कोई औपचारिक गठबंधन नहीं होगा।
चुनाव प्रचार की रणनीति
फडणवीस ने मीडिया से बातचीत में बताया कि महायुति ने नगर निगम चुनाव प्रचार में पहले दिन से ही गंभीरता और पेशेवर तरीके से भाग लिया। उन्होंने यह भी बताया कि भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने विभिन्न पृष्ठभूमियों के उम्मीदवारों को मैदान में उतारा, जिसमें सब्जी विक्रेता, मध्यम वर्ग के लोग, वकील और बेघर लोग शामिल हैं। उनके अनुसार, मतदाताओं के सामने प्रदर्शित कार्यों के कारण प्रचार को जनता का जबरदस्त समर्थन मिला। फडणवीस ने विश्वास व्यक्त किया कि महायुति को स्पष्ट बहुमत मिलेगा और 29 नगर निगमों में से 26 में उनके महापौर होंगे।
राजनीतिक आलोचना
फडणवीस ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) और उद्धव ठाकरे द्वारा बृहन्मुंबई नगर निगम चुनावों के दौरान 'मराठी बनाम गैर-मराठी' की राजनीति को बढ़ावा देने के प्रयास की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की विभाजनकारी राजनीति उनकी सरकार के विकासोन्मुखी दृष्टिकोण के विपरीत है। फडणवीस ने कहा, "मराठी मेरी भाषा है और इसका विकास होना चाहिए।" उन्होंने हिंदुत्व विवाद पर भी अपनी राय व्यक्त की, यह कहते हुए कि हिंदुत्व भाजपा की आत्मा है और इसे केवल चुनावी नारे के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।