प्रॉपर्टी खरीदने से पहले जरूरी दस्तावेजों की जांच कैसे करें
प्रॉपर्टी खरीदने के लिए आवश्यक दस्तावेज
जब आप प्रॉपर्टी में निवेश करने या जमीन खरीदने का विचार करते हैं, तो यह महत्वपूर्ण है कि आप सही दस्तावेजों की जांच करें। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी आपके लिए समस्याएं पैदा कर सकती हैं। इसलिए, प्रॉपर्टी खरीदने से पहले कागजात की जांच करना आवश्यक है, ताकि आपको इस निवेश से सुरक्षा और शांति का अनुभव हो सके। आइए जानते हैं कि किन दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए।
टाइटल और ओनरशिप का सत्यापन
प्रॉपर्टी खरीदने से पहले विक्रेता के टाइटल और ओनरशिप का सत्यापन करना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही चैनल दस्तावेजों की भी जांच करें, जो यह दर्शाते हैं कि प्रॉपर्टी किसके पास से आई है। चैनल दस्तावेजों में सभी लेन-देन का विवरण होता है।
एन्कम्ब्रन्स सर्टिफिकेट की आवश्यकता
आप जिस प्रॉपर्टी को खरीदने जा रहे हैं, उस पर कोई बकाया ऋण या टैक्स नहीं है, यह जानने के लिए एन्कम्ब्रन्स सर्टिफिकेट की जांच करें। यह सर्टिफिकेट यह सुनिश्चित करता है कि प्रॉपर्टी पर कोई पेनाल्टी नहीं है। आप रजिस्ट्रार के कार्यालय जाकर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट का महत्व
ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिसे बिल्डर से प्राप्त करना चाहिए। यदि बिल्डर इसे देने में आनाकानी करता है, तो खरीदार कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं।
पजेशन लेटर की जानकारी
डिवेलपर द्वारा जारी पजेशन लेटर में प्रॉपर्टी पर कब्जे की तारीख होती है। यदि आप होम लोन ले रहे हैं, तो इस दस्तावेज की मूल प्रति प्रस्तुत करना आवश्यक है।
मॉर्गेज की प्रक्रिया
मॉर्गेज एक प्रकार का ऋण है, जिसका उपयोग उधारकर्ता प्रॉपर्टी खरीदने या उसके रखरखाव के लिए करता है। यह प्रॉपर्टी लोन को सुरक्षित करने के लिए कोलैटरल के रूप में काम करती है।
टैक्स पेमेंट की जांच
प्रॉपर्टी खरीदते समय टैक्स पेमेंट का स्टेटस चेक करना न भूलें। यदि विक्रेता ने प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान नहीं किया है, तो इससे संपत्ति की मार्केट वैल्यू प्रभावित हो सकती है।
यूटिलिटी बिल की जांच
प्रॉपर्टी खरीदते समय यूटिलिटी बिल की जांच करना भी आवश्यक है। इसके साथ कार अलॉटमेंट लेटर की भी जांच करें, जिसमें पार्किंग की जानकारी होती है।
रेसीडेंट वेलफेयर से NOC की जांच
यह सुनिश्चित करें कि प्रॉपर्टी डीलर को रेसीडेंट वेलफेयर से NOC प्राप्त है या नहीं। RERA के अनुसार, डिवेलपर्स को अपने प्रोजेक्ट को रजिस्टर कराना आवश्यक है। इसके अलावा, मास्टर प्लान की भी जांच करें।