प्रॉपर्टी खरीदने से पहले जरूरी दस्तावेजों की जांच कैसे करें
प्रॉपर्टी खरीदने के लिए आवश्यक दस्तावेज
जब आप प्रॉपर्टी में निवेश करने या जमीन खरीदने का विचार करते हैं, तो यह महत्वपूर्ण है कि आप सही दस्तावेजों की जांच करें। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी खरीदार के लिए समस्याएं उत्पन्न कर सकती हैं। इसलिए, प्रॉपर्टी खरीदने से पहले कागजात की जांच करना आवश्यक है, जिससे आपको निवेश में सुरक्षा और शांति का अनुभव हो सके। आइए जानते हैं कि किन दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए।
टाइटल और ओनरशिप का सत्यापन: प्रॉपर्टी खरीदते समय विक्रेता के टाइटल और ओनरशिप का सत्यापन करना अनिवार्य है। इसके साथ ही चैनल दस्तावेजों की भी जांच करें, जो यह दर्शाते हैं कि प्रॉपर्टी किससे और कैसे मिली।
एन्कम्ब्रन्स सर्टिफिकेट: यह सर्टिफिकेट यह सुनिश्चित करता है कि प्रॉपर्टी पर कोई बकाया ऋण या टैक्स नहीं है। इसे प्राप्त करने के लिए आप रजिस्ट्रार के कार्यालय में जाकर फॉर्म नंबर 22 भर सकते हैं।
ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट: यह एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिसे बिल्डर से लेना चाहिए। यदि बिल्डर इसे देने में आनाकानी करता है, तो खरीदार कानूनी कार्रवाई कर सकता है।
पजेशन लेटर: यह दस्तावेज प्रॉपर्टी पर कब्जे की तारीख दर्शाता है और होम लोन के लिए आवश्यक होता है।
मॉर्गेज: यह एक प्रकार का ऋण है, जिसका उपयोग प्रॉपर्टी खरीदने या उसके रखरखाव के लिए किया जाता है।
टैक्स पेमेंट की जांच: प्रॉपर्टी खरीदते समय टैक्स पेमेंट का स्टेटस चेक करना जरूरी है, क्योंकि टैक्स न चुकाने पर संपत्ति पर शुल्क लग सकता है।
यूटिलिटी बिल: प्रॉपर्टी खरीदते समय यूटिलिटी बिल और कार अलॉटमेंट लेटर की जांच करना भी आवश्यक है।
रेसीडेंट वेलफेयर की जांच: यह सुनिश्चित करें कि प्रॉपर्टी डीलर को रेसीडेंट वेलफेयर से NOC प्राप्त है। इसके अलावा, RERA में प्रोजेक्ट का पंजीकरण भी जांचें।