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प्रीति जिंटा ने पैपराजी संस्कृति पर जताई चिंता, बच्चों की प्राइवेसी पर की बात

बॉलीवुड की प्रसिद्ध अदाकारा प्रीति जिंटा ने हाल ही में पैपराजी संस्कृति पर अपनी चिंताओं को साझा किया। उन्होंने बच्चों की प्राइवेसी के महत्व पर जोर दिया और बताया कि उन्हें बिना अनुमति उनके बच्चों की तस्वीरें लेना पसंद नहीं है। प्रीति ने यह भी कहा कि कभी-कभी पैपराजी का पीछा करना उन्हें असहज कर देता है। जानें उनके विचार और इस विषय पर उनका सख्त रुख।
 

प्रीति जिंटा का पैपराजी संस्कृति पर बयान

प्रीति जिंटा का पैपराजी संस्कृति पर बयान: बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा प्रीति जिंटा इस समय आईपीएल के कारण चर्चा में हैं। हाल ही में, उन्हें दिल्ली के हनुमान मंदिर में दर्शन करते हुए देखा गया। इसी दौरान, उन्होंने सोशल मीडिया पर एक इंटरैक्टिव सेशन में पैपराजी संस्कृति पर अपने विचार साझा किए, जो अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।


‘कभी-कभी तो ये डरावना लगता है’, Preity Zinta ने पैपराजी कल्चर पर जताई नाराजगी, बच्चों की प्राइवेसी पर की बात


27 अप्रैल को हुए इस सत्र में एक प्रशंसक ने उनसे पूछा कि शोहरत, प्राइवेसी और मानसिक शांति में से उन्होंने किस चीज की सबसे ज्यादा कुर्बानी दी है। प्रीति ने ईमानदारी से उत्तर दिया कि उन्होंने इसे कभी कुर्बानी के रूप में नहीं देखा, बल्कि परिस्थितियों को स्वीकार करना सीखा है। उन्होंने बताया कि वह एक प्राइवेट व्यक्ति हैं और उनकी जिंदगी अब संतुलन बनाने का कार्य बन गई है। उन्हें अपने प्रशंसकों से मिलना और उनके साथ तस्वीरें खिंचवाना पसंद है, लेकिन सीमाएं तय करना भी आवश्यक है।


बच्चों की प्राइवेसी पर प्रीति का सख्त रुख

बच्चों की तस्वीरों पर सख्त रुख


इस बातचीत में प्रीति ने विशेष रूप से अपने बच्चों की प्राइवेसी के बारे में चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें यह बिल्कुल पसंद नहीं है कि कोई भी बिना अनुमति उनके बच्चों की तस्वीरें ले। यह उनके लिए पूरी तरह से नॉन-नेगोशिएबल है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई विनम्रता से फोटो के लिए पूछता है, तो वह अक्सर मना नहीं करतीं, बशर्ते वह किसी महत्वपूर्ण कार्य या धार्मिक स्थल पर न हों।


पैपराजी के व्यवहार पर नाराजगी

पैपराजी के व्यवहार पर जताई नाराजगी


पैपराजी के व्यवहार पर चर्चा करते हुए प्रीति ने कहा कि उनका पीछा किया जाना या अचानक सामने आ जाना उन्हें असहज कर देता है। कभी-कभी यह डरावना भी लगता है। उन्होंने स्वीकार किया कि आजकल कई लोग खुद मीडिया को बुलाते हैं ताकि वे सुर्खियों में बने रहें, लेकिन उनका तरीका अलग है। इस कारण से ऐसे हालात उन्हें बेचैन कर देते हैं।


व्यक्तिगत स्थान का महत्व

इवेंट्स और पर्सनल स्पेस में फर्क जरूरी


अंत में, प्रीति ने स्पष्ट किया कि उन्हें इवेंट्स में पैपराजी से कोई समस्या नहीं है, क्योंकि वहां वे अपना काम कर रहे होते हैं। लेकिन जिम के बाहर या घर के आसपास छिपकर तस्वीरें लेना उन्हें गलत लगता है। उन्होंने कहा कि मैं भी एक इंसान हूं और मुझे भी शांति की आवश्यकता है। उनका यह बयान न केवल सेलेब्रिटी जीवन की सच्चाई को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि प्रसिद्धि के साथ प्राइवेसी बनाए रखना कितना कठिन हो गया है।