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प्रियंका गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संसद में उनके स्वागत को लेकर तीखी आलोचना की। उन्होंने इसे शर्मनाक बताते हुए मोदी सरकार पर छात्रों के साथ बर्ताव को लेकर सवाल उठाए। प्रियंका ने कहा कि प्रधान का स्वागत एक सुपरस्टार की तरह किया गया, जबकि उन्होंने छात्रों के विरोध के बाद इस्तीफा दिया। राहुल गांधी ने भी प्रधान के स्वागत की निंदा की, उन्हें भ्रष्टाचार का प्रतीक बताया। इस मुद्दे पर कांग्रेस के नेताओं की प्रतिक्रियाएं चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
 

कांग्रेस नेता का बयान

प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस की प्रमुख नेता, ने हाल ही में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उनके स्वागत को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत शर्मनाक है कि जब प्रधान संसद परिसर में पहुंचे, तो बीजेपी सांसदों ने उनका स्वागत एक सुपरस्टार की तरह किया। यह घटना तब हुई जब छात्रों के व्यापक विरोध के बाद प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दिया।


संसद परिसर में कुछ पार्टी सहयोगियों ने पारंपरिक टोपी और स्टोल पहनाकर प्रधान का स्वागत किया और उनके लिए 'प्रधान ज़िंदाबाद' के नारे लगाए। इस पर विपक्षी सांसदों ने 'चोर, चोर, पेपर चोर' जैसे नारे लगाते हुए सत्ताधारी पार्टी की आलोचना की।


प्रियंका का सवाल

धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत पर टिप्पणी करते हुए प्रियंका ने पूछा, "क्या आपको यह शर्मनाक नहीं लगता?" उन्होंने यह भी कहा कि सभी ने देखा कि प्रधान ने किस परिस्थिति में इस्तीफा दिया था, लेकिन संसद में उनका स्वागत एक सुपरस्टार की तरह किया गया।


उन्होंने मोदी सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों के साथ सरकार का व्यवहार अस्वीकार्य है। प्रियंका ने इंस्टाग्राम पर कुछ तस्वीरें साझा कीं, जिनमें महिलाओं पर आरोप लगाए गए थे, और पूछा कि क्या सरकार इस मुद्दे को सुलझाने के लिए बातचीत करना चाहती है या फिर छात्रों को दबाने की कोशिश कर रही है।


राहुल गांधी की प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी प्रधान के स्वागत की आलोचना की। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और भारत की शिक्षा व्यवस्था के बुरे हालात के प्रतीक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधान ने नैतिकता की आवाज़ को नजरअंदाज करते हुए, युवाओं के गुस्से के डर से इस्तीफा दिया।