प्रियंका गांधी ने अयोध्या राम मंदिर चंदे में हेराफेरी पर उठाए सवाल
प्रियंका गांधी वाड्रा ने अयोध्या राम मंदिर के लिए मिले चंदे में कथित हेराफेरी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने 31 जनवरी, 2026 को निष्पक्ष जांच की मांग की और आरोप लगाया कि इसमें उच्च स्तर के लोगों की मिलीभगत हो सकती है। प्रियंका ने इस मामले में पारदर्शी जांच की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि दान का गलत इस्तेमाल धार्मिक विश्वास का उल्लंघन है। FIR में कई लोगों के नाम शामिल हैं, और पूर्व विधायक पवन पांडे ने आरोप लगाया है कि दान में भारी हेराफेरी की गई है।
Jun 27, 2026, 12:34 IST
प्रियंका गांधी का आरोप
कांग्रेस महासचिव और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने अयोध्या राम मंदिर के लिए प्राप्त चंदे में संभावित हेराफेरी को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने 31 जनवरी, 2026 को निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। X पर एक पोस्ट में उन्होंने यह सवाल उठाया कि क्या ऐसी गड़बड़ियाँ केवल निचले स्तर के कर्मचारियों द्वारा की जा सकती हैं, या इसमें उच्च स्तर के लोगों की मिलीभगत भी शामिल है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या केवल निचले स्तर के कर्मचारी अपने दम पर CCTV कैमरे बंद कर सकते हैं और हजारों करोड़ के चढ़ावे में हेराफेरी कर सकते हैं, या इसके पीछे कुछ बड़े लोग हैं?
निष्पक्ष जांच की मांग
प्रियंका गांधी ने मामले को दबाने की कोशिशों के खिलाफ चेतावनी दी और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में जांच के नाम पर लीपा-पोती नहीं होनी चाहिए, बल्कि पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने इस चोरी की घटना में शामिल सभी लोगों को कड़ी सजा देने की मांग की। मंदिर के धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने इस कथित अपराध को बेहद चिंताजनक बताया। प्रियंका ने कहा कि सत्य और धर्म का पालन करने वाले भगवान राम और उनके करोड़ों भक्तों की आस्था के साथ धोखाधड़ी से की गई चोरी ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है।
धार्मिक आस्था का उल्लंघन
उन्होंने यह भी कहा कि दान गहरी आस्था के साथ दिया जाता है और इसका गलत इस्तेमाल धार्मिक विश्वास का गंभीर उल्लंघन है। प्रियंका ने कहा कि भगवान राम करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं, और जिन लोगों ने राम मंदिर में चोरी की है, उन्होंने धर्म और आस्था की मूल भावना को ठेस पहुँचाने का बड़ा पाप किया है। इसी दिन, कथित गबन की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया।
FIR और आरोप
यह घटनाक्रम अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित हेराफेरी से संबंधित FIR के बाद सामने आया। उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत यह मामला दर्ज किया गया। FIR में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, टिन्नू यादव, मनीष यादव और अन्य के नाम शामिल हैं। अयोध्या के पूर्व विधायक पवन पांडे ने आरोप लगाया था कि 27 करोड़ रुपये से लेकर 7.5 करोड़ रुपये तक के दान में हेराफेरी की गई थी।