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प्रवर्तन निदेशालय के पूर्व अधिकारी सत्यब्रत कुमार ने लिया VRS, 12 साल की सेवा का अंत

प्रवर्तन निदेशालय के पूर्व विशेष निदेशक सत्यब्रत कुमार ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेने का निर्णय लिया है। उन्होंने लगभग 12 वर्षों तक ED में सेवा दी और कई प्रमुख मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की जांच की। उनके कार्यकाल में नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे बड़े मामलों की जांच शामिल रही। जानें उनके इस्तीफे के पीछे के कारण और उनके कार्यकाल की प्रमुख बातें।
 

सत्यब्रत कुमार का VRS लेना

नई दिल्ली/कोलकाता: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के पूर्व विशेष निदेशक सत्यब्रत कुमार, जो देश के कई प्रमुख मनी लॉन्ड्रिंग मामलों के मुख्य जांचकर्ता रहे हैं, ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) का निर्णय लिया है। केंद्र सरकार ने उनके VRS आवेदन को स्वीकृति दे दी है और इस महीने की शुरुआत में औपचारिक आदेश भी जारी किए गए हैं।


सत्यब्रत कुमार की सेवाएं

माल्या-नीरव मोदी केस के लीड इन्वेस्टिगेटर सत्यब्रत कुमार ने लिया VRS,12 साल तक ED में दी थीं सेवाएं



दिल्ली : IRS सत्यब्रता कुमार ने VRS लिया


ED अधिकारी सत्यब्रता कुमार ने VRS लिया
नीरव मोदी, विजय माल्या मामलों कीजांच कीथी
सत्यब्रता ने IRS सेस्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली
भारतीय राजस्व सेवा के 2004 बैच के अधिकारी
एक साल पहले ED से वापस बुला लिया गया था
पश्चिम… pic.twitter.com/y989ttKYsf


— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) June 1, 2026



ED में लंबे समय तक सेवा
सत्यब्रत कुमार, जो कस्टम्स एंड इनडायरेक्ट टैक्सेस कैडर के 2004 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी हैं, ने लगभग 12 वर्षों तक ED में कार्य किया। वह इस केंद्रीय एजेंसी में सबसे लंबे समय तक कार्यरत अधिकारियों में से एक रहे। एक वर्ष पहले ED से उनका कार्यकाल समाप्त होने के बाद, उन्हें पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में कमिश्नर (अपील्स) के रूप में नियुक्त किया गया था.


निजी कारणों से लिया VRS

रिटायरमेंट की उम्र 2037 में थी
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 48 वर्षीय सत्यब्रत कुमार की सरकारी सेवा में लगभग 11 वर्ष शेष थे और उनका रिटायरमेंट 2037 में होना था। हालांकि, उन्होंने कुछ व्यक्तिगत कारणों के चलते समय से पहले ही सेवा छोड़ने का निर्णय लिया है.


प्रमुख जांचों का नेतृत्व

नीरव मोदी और माल्या से जुड़े मामले
सत्यब्रत कुमार ने ED के मुंबई स्थित वेस्टर्न रीजनल ऑफिस के प्रमुख के रूप में कई महत्वपूर्ण मामलों की जांच की। उनके नेतृत्व में प्रमुख जांचों में शामिल हैं:


नीरव मोदी और मेहुल चोकसी: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) फ्रॉड मामले में लगभग 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर की जांच की, जिसमें करोड़ों रुपये की विदेशी संपत्तियों को अटैच करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।


विजय माल्या: भगोड़े शराब कारोबारी के खिलाफ बैंक लोन फ्रॉड मामले की जांच को आगे बढ़ाया।


महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप: इस बड़े घोटाले की जांच भी उनके अधीन हुई, जिसमें छत्तीसगढ़ के कई राजनेताओं और बड़े व्यवसायियों के लिंक सामने आए। इसके अलावा, उन्होंने महाराष्ट्र के कई संवेदनशील मामलों को भी संभाला।


ईडी से दूसरा बड़ा इस्तीफा

एक साल में दूसरा इस्तीफा
सत्यब्रत कुमार का VRS लेना पिछले एक वर्ष में दूसरी बार है जब किसी वरिष्ठ अधिकारी ने ED से हटने के तुरंत बाद सरकारी नौकरी को अलविदा कहा। इससे पहले, जुलाई 2025 में, ED के पूर्व जॉइंट डायरेक्टर कपिल राज ने अपने निर्धारित रिटायरमेंट से 15 वर्ष पहले नौकरी छोड़ दी थी। कपिल राज ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी वाले मामलों की निगरानी की थी.