प्रवर्तन निदेशालय के कैडर विस्तार से बढ़ेगी जांच की क्षमता
नई नीति से ED को मिलेगी नई ताकत
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिया है। तीन महीने की गहन चर्चा के बाद, ED के कैडर विस्तार को आधिकारिक रूप से मंजूरी मिल गई है। इस निर्णय के साथ, देशभर में जांच एजेंसी की यूनिट्स का तेजी से विस्तार किया जाएगा, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग और आर्थिक अपराधों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आएगी।
जोन और सब-जोन का पुनर्गठन
सूत्रों के अनुसार, विस्तार योजना के तहत कई मौजूदा ‘सब-जोन’ कार्यालयों को पूर्ण ‘जोन’ में परिवर्तित किया जाएगा। इस बदलाव से एजेंसी की निर्णय लेने की क्षमता और प्रशासनिक शक्ति में वृद्धि होगी। विशेष रूप से नोएडा, पुणे और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों में ED की उपस्थिति और यूनिट्स का दायरा बढ़ाया जाएगा, जो आर्थिक अपराधों के केंद्र माने जाते हैं।
संसाधनों और मानव संसाधनों में वृद्धि
कैडर विस्तार के बाद, प्रवर्तन निदेशालय अब एक बड़ी टीम, अनुभवी अधिकारियों की अधिक संख्या और अत्याधुनिक संसाधनों के साथ कार्य करेगा। सरकार का मानना है कि हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच और जटिल आर्थिक अपराधों को निपटाने में यह निर्णय मील का पत्थर साबित होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम न केवल एजेंसी की कार्यक्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि जांच प्रणाली को पूरी तरह से आधुनिक और सुदृढ़ बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है।