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प्रयागराज में सामूहिक हत्या का मामला: बेटे ने दोस्त के साथ मिलकर की हत्या

प्रयागराज में एक बेटे ने अपने माता-पिता और बहन की हत्या अपने दोस्त के साथ मिलकर की। यह घटना रविवार शाम को हुई, जिसमें आरोपी ने लूट के इरादे से यह हत्या की। पुलिस ने 12 घंटे में मामले का खुलासा किया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जानें इस चौंकाने वाली घटना के पीछे की पूरी कहानी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
 

प्रयागराज में हत्या की गुत्थी सुलझी


प्रयागराज में एक सामूहिक हत्या के मामले में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। बेटे अभिषेक ने अपने दोस्त के साथ मिलकर अपने माता-पिता और बहन की हत्या की। इसके बाद, जेवरात के बंटवारे के विवाद में अभिषेक को उसके दोस्त ने भी मार डाला। यह घटना रविवार शाम पांच से छह बजे के बीच हुई। पुलिस ने 12 घंटे के भीतर इस चार हत्याओं की गुत्थी सुलझा ली।


हत्या की योजना और उसके परिणाम

प्रयागराज के साउथ मलाका सब्जी मंडी चौराहे पर स्थित एक घर में कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य, उनकी पत्नी अनीता, बेटी मीनाक्षी और बेटे अभिषेक की हत्या की गई। पुलिस का कहना है कि अभिषेक ने अपने दोस्त शनि गुप्ता के साथ मिलकर लूट के इरादे से यह हत्या की। बाद में, डेढ़ करोड़ रुपये के जेवरात के बंटवारे को लेकर विवाद में शनि ने अभिषेक को भी मार डाला।


पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि आरोपी शनि को गिरफ्तार कर लिया गया है, और उसके पास से एक किलो सोना, 360 ग्राम चांदी, एक हजार रुपये नकद और ताले की चाबी बरामद की गई।


हत्या की योजना का विवरण

रविवार दोपहर, अभिषेक ने शनि को अपनी दुकान पर बुलाया। दोनों ने साथ में कचौड़ी खाई और बीयर और सिगरेट पी। इसी दौरान, उन्होंने परिवार की हत्या कर जेवर लूटने की योजना बनाई। शाम करीब पांच बजे, मीनाक्षी दुकान खोलने आई। जैसे ही उसने दरवाजा खोला, अभिषेक ने लोहे की रॉड से उसके सिर पर वार किया।


इसके बाद, दोनों ने मीनाक्षी को ऊपर ले जाकर उसके माता-पिता पर भी हमला किया। दोनों की हत्या के बाद, उन्होंने घर में रखे जेवर और कीमती सामान चुरा लिए।


आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी

सीसीटीवी फुटेज ने पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सबूत प्रदान किए। फुटेज में एक व्यक्ति अभिषेक के कपड़े पहनकर परिसर से बाहर निकलता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने उसे शनि के रूप में पहचाना और उसे गिरफ्तार कर लिया।


पुलिस आयुक्त ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए 60 पुलिसकर्मियों की टीम बनाई गई थी।


पुलिस की लापरवाही

इस मामले में पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। साउथ मलाका चौकी से महज 50 मीटर की दूरी पर चार हत्याएं हुईं, जिसके चलते दो चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस आयुक्त ने कहा कि यदि पुलिस ने समय पर कार्रवाई की होती, तो कई महत्वपूर्ण सुराग पहले ही मिल जाते।