प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिक केंद्रित शासन पर जोर दिया
प्रधानमंत्री की बैठक में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
नई दिल्ली, 28 जुलाई: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को देश के प्रमुख नौकरशाहों से आग्रह किया कि वे शासन में नागरिकों को प्राथमिकता दें और सुनिश्चित करें कि सभी नीतियां और निर्णय आम जनता के हितों और आकांक्षाओं के अनुरूप हों। भारत सरकार के सचिवों के साथ आयोजित दूसरी उच्चस्तरीय बैठक में, मोदी ने सभी विभागों के बीच समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया ताकि एकीकृत परिणाम प्राप्त किए जा सकें। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में वित्त, अर्थव्यवस्था, वाणिज्य, उद्योग और प्रौद्योगिकी से संबंधित मंत्रालयों के कार्यों की समीक्षा की।
मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किया, “आज की बैठक में वित्त, अर्थव्यवस्था, वाणिज्य और प्रौद्योगिकी से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। नागरिक केंद्रित शासन को बढ़ावा देने, बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने और स्वदेशी तकनीक के विकास पर जोर दिया गया। इसके साथ ही, युवा उद्यमियों की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।” प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रालयों और विभागों में टीम भावना से काम करने की आवश्यकता को रेखांकित किया।
बयान में कहा गया कि मोदी ने नागरिक केंद्रित शासन के महत्व को स्पष्ट करते हुए कहा कि भारत के लोगों को हमेशा शासन का केंद्र होना चाहिए। उन्होंने कहा, “हर नीति और निर्णय आम नागरिक के हितों और आकांक्षाओं से प्रेरित होना चाहिए।” मोदी ने यह भी बताया कि भारत बुनियादी ढांचे में बड़े निवेश कर रहा है, लेकिन स्वदेशी तकनीक के विकास को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने तकनीकी आत्मनिर्भरता और घरेलू क्षमताओं के निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा को राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और नागरिकों के कल्याण से जोड़ा। उन्होंने कहा कि भारत को नवाचार, विविधीकरण और क्षमता विस्तार के माध्यम से ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करनी होगी। सुधारों पर जोर देते हुए मोदी ने कहा कि सुधार केवल एक प्रवृत्ति नहीं है, बल्कि प्रभावी शासन के लिए एक निरंतर प्रक्रिया है।
उन्होंने प्रक्रियाओं में सुधार, कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने और संस्थागत दक्षता को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। इसके साथ ही, तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ डिजिटल प्रणालियों और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए साइबर सुरक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता पर भी बल दिया। प्रधानमंत्री ने उभरते साइबर खतरों के प्रति सतर्क रहने और इस क्षेत्र में युवा नवप्रवर्तकों की भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया।
मोदी ने रणनीतिक क्षेत्रों में देश की प्रमुख पहलों पर सक्रिय संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि भ्रामक सूचनाओं और निराधार आशंकाओं का सामना किया जा सके। उन्होंने कहा कि उभरते और भविष्य के उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार कार्यबल को तैयार करने के लिए उद्योगों के साथ मिलकर नए शैक्षणिक पाठ्यक्रम विकसित किए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार को हमेशा युवा, गतिशील और भविष्य की ओर देखने वाली रहनी चाहिए और नई चुनौतियों और अवसरों के अनुसार खुद को लगातार बदलते रहना चाहिए।
बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों ने अपने-अपने क्षेत्रों में प्रगति, प्राथमिकताओं और कार्यान्वयन से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। इसमें कैबिनेट सचिव, प्रमुख मंत्रालयों और विभागों के सचिव तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।