प्रधानमंत्री मोदी ने जोधपुर में नई टर्मिनल और रिफाइनरी का उद्घाटन किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोधपुर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल और रिफाइनरी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने 54,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे। मोदी ने आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन पर जोर दिया, साथ ही ऊर्जा संकट के संदर्भ में भारत की कूटनीति की सराहना की। जानें इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के बारे में और क्या कहा प्रधानमंत्री ने।
Jul 4, 2026, 14:35 IST
प्रधानमंत्री का जोधपुर दौरा
शनिवार को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोधपुर एयरपोर्ट पर नए टर्मिनल का उद्घाटन किया और संशोधित UDAN (उड़े देश का आम नागरिक) योजना की शुरुआत की। इसके साथ ही, उन्होंने ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स से रिफाइनरी प्रोडक्शन टैंकरों को हरी झंडी दिखाई। यह कॉम्प्लेक्स हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और राजस्थान सरकार के सहयोग से विकसित किया गया है, जिसे प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम में राष्ट्र को समर्पित किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने राजस्थान सरकार के विभिन्न विभागों में भर्ती हुए लगभग 54,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस गर्मी में इतनी बड़ी संख्या में लोगों का एकत्र होना, भाजपा सरकार के प्रयासों पर आपके विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने राजस्थान की माटी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह धरती वीरों के शौर्य की साक्षी रही है। उन्होंने आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए कहा कि आज राजस्थान से भारत ने आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह रिफाइनरी हजारों लोगों के लिए रोजगार का अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने राजस्थान के युवाओं को इस रिफाइनरी के लिए बधाई दी। मोदी ने यह भी कहा कि भाजपा सरकारें परियोजनाओं को केवल शिलान्यास तक सीमित नहीं रखतीं, बल्कि उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करती हैं। उन्होंने हाल ही में हुए हादसे के बाद तेजी से काम पूरा करने को परिश्रम का उदाहरण बताया।
उन्होंने जोधपुर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल के उद्घाटन को पर्यटन, व्यापार और रोजगार के लिए एक नई शुरुआत बताया। इस कार्यक्रम में जोधपुर से जुड़े सभी लोगों का उन्होंने विशेष अभिनंदन किया। इसके साथ ही, उन्होंने उड़ान योजना के नए चरण की शुरुआत की, जिसके तहत छोटे शहरों को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा।
मोदी ने कहा कि वर्तमान में पश्चिमी एशिया में चल रहे युद्ध के कारण दुनिया में ऊर्जा संकट उत्पन्न हुआ है। उन्होंने भारत की रणनीतिक निर्णय लेने की क्षमता की सराहना की और कहा कि भारत ने इस संकट का प्रभावी ढंग से सामना किया। उन्होंने बताया कि भारत ने 25-26 देशों से ईंधन का आयात किया और संकट के समय में अपनी कूटनीति का सही उपयोग किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब कुछ ताकतें अफवाहें फैला रही थीं, तब भारत ने स्थिति को संभालने के लिए दिन-रात काम किया। उन्होंने देशवासियों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस कठिन समय में एकजुटता दिखाई और अफवाहों का सामना किया।