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प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात में सेमीकंडक्टर संयंत्र का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सानंद में केन्स सेमीकंडक्टर संयंत्र का उद्घाटन किया, जिसे उन्होंने भारत के सेमीकंडक्टर बाजार के विकास का प्रतीक बताया। उन्होंने भविष्यवाणी की कि इस दशक के अंत तक भारत का सेमीकंडक्टर बाजार 100 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो सकता है। मोदी ने कहा कि केन्स अब वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। उन्होंने इस संयंत्र के उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय मांग और निर्यात की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला।
 

प्रधानमंत्री का उद्घाटन समारोह

गुजरात के सानंद में केन्स सेमीकंडक्टर संयंत्र का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि "सानंद और सिलिकॉन वैली के बीच एक नया पुल बन गया है," और इस युग को "भारत का दशक" घोषित किया।


भारत का सेमीकंडक्टर बाजार

घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में हो रही तीव्र वृद्धि पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने भविष्यवाणी की कि इस दशक के अंत तक "भारत का सेमीकंडक्टर बाजार 100 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो सकता है।" उन्होंने कहा कि इस संयंत्र में उत्पादन की शुरुआत वैश्विक बाजार में एक विश्वसनीय सेमीकंडक्टर आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की मजबूत भूमिका को दर्शाती है। 


केन्स की वैश्विक भूमिका

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत की अपनी कंपनी, केन्स, अब वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला का एक मजबूत हिस्सा बन चुकी है। प्रधानमंत्री के अनुसार, सानंद संयंत्र में निर्मित इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी मांग है। उन्होंने कहा कि मुझे बताया गया है कि यहां निर्मित उत्पादों का एक बड़ा हिस्सा निर्यात के लिए बुक हो चुका है। कैलिफोर्निया की कंपनियों को सानंद संयंत्र इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल की आपूर्ति कर रहा है।" उन्होंने आगे कहा कि ये मॉड्यूल अमेरिकी कंपनियों तक पहुंचेंगे और "वहां से पूरी दुनिया को बिजली प्रदान करेंगे। उन्होंने इसे "मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड" के मंत्र का प्रतीक बताते हुए गर्व का क्षण बताया। इस क्षेत्र के रणनीतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को महामारी और संघर्षों के कारण काफी बाधाओं का सामना करना पड़ा है।


21वीं सदी की चुनौतियाँ

मित्रों, इस 21वीं सदी ने शुरुआत से ही दुनिया के सामने कई चुनौतियाँ खड़ी की हैं। महामारी के कारण संकट है, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में संघर्ष है। चाहे चिप्स हों, दुर्लभ खनिज हों या ऊर्जा, ये सभी संघर्षों से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। ये सभी चीजें मानवता के तीव्र विकास से जुड़ी हैं। इसलिए, भारत जैसे लोकतांत्रिक देश के लिए पूरी दुनिया के विकास के लिए इस दिशा में आगे बढ़ना बहुत जरूरी है। उन्होंने आगे बताया, “सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता केवल एक चिप तक सीमित नहीं है,” और समझाया कि यह एआई, इलेक्ट्रिक वाहन, स्वच्छ ऊर्जा और रक्षा सहित कई क्षेत्रों को मजबूती प्रदान करती है।