प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर लगाया विश्वासघात का आरोप
मोदी की कांग्रेस पर कड़ी टिप्पणी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 मई को बेंगलुरु में आयोजित एक जनसभा में कांग्रेस पार्टी की तीखी आलोचना की। उन्होंने विपक्ष पर अपने सहयोगियों और मतदाताओं के प्रति विश्वासघात करने का आरोप लगाया। मोदी ने कांग्रेस को एक परजीवी राजनीतिक शक्ति बताया, जो क्षेत्रीय दलों के शोषण पर निर्भर है। आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन की 45वीं वर्षगांठ के अवसर पर भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने झूठे वादों और खराब शासन के कारण जनता का विश्वास खो दिया है।
कांग्रेस की चुनावी हार पर मोदी की टिप्पणी
मोदी ने कहा कि कांग्रेस की किसी भी राज्य सरकार को दोबारा सत्ता नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि सरकार बनने के कुछ महीनों के भीतर ही कांग्रेस के खिलाफ सत्ता-विरोधी लहर शुरू हो जाती है। उनका कहना था कि कांग्रेस केवल धोखा देने में माहिर है। उन्होंने तमिलनाडु में कांग्रेस के अपने सहयोगी डीएमके के साथ विश्वासघात करने का भी आरोप लगाया।
लोकतांत्रिक संस्थाओं पर कांग्रेस का आरोप
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी लगातार अपनी चुनावी हार को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और इसके लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं, अदालतों और संवैधानिक प्रक्रियाओं को दोषी ठहरा रहे हैं। मोदी ने कहा कि उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में किसी भी मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टी को संविधान और लोकतंत्र के प्रति इतनी नफरत करते नहीं देखा।
भाजपा का राष्ट्रीय विस्तार
मोदी ने भाजपा के राष्ट्रीय विस्तार की तुलना करते हुए कहा कि पिछले चुनाव से पहले बंगाल में भाजपा के पास केवल तीन विधायक थे, जबकि अब यह संख्या 200 से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि केरल में भी भाजपा अपनी उपस्थिति को मजबूत कर रही है।
कर्नाटक में कांग्रेस की स्थिति
कर्नाटक का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी शासन करने के बजाय आंतरिक कलह में उलझी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि मुख्यमंत्री कितने दिन रहेंगे।