प्रधानमंत्री मोदी की 'मन की बात' में एथलीटों की उपलब्धियों की सराहना
प्रधानमंत्री की विशेष बातचीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के 134वें एपिसोड में देश के दो उत्कृष्ट एथलीटों, गुरिंदर वीर सिंह और अनिमेष कुजूर के साथ फोन पर संवाद किया। यह बातचीत पूरे देश ने सुनी। पीएम मोदी ने रांची में आयोजित नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता का उल्लेख करते हुए बताया कि इस दौरान चार विभिन्न स्पर्धाओं में चार राष्ट्रीय रिकॉर्ड बने। उन्होंने रिकॉर्ड बनाने वाले खिलाड़ियों गुरिंदरवीर सिंह, विशाल टीके, तेजस्विन शंकर, देव मीना और कुलदीप कुमार को दिल से बधाई दी।
रिकॉर्ड की अद्भुत उपलब्धि
प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों की प्रशंसा करते हुए कहा, "सिर्फ दो दिनों में 100 मीटर दौड़ में राष्ट्रीय रिकॉर्ड तीन बार टूट गया। यह एक अद्भुत उपलब्धि है, जिसे हासिल करने वाले एथलीट गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर हैं। इसलिए मैंने सोचा कि इस बार 'मन की बात' में इन दोनों एथलीटों से बात की जाए।"
अनिमेष का सफर
पीएम मोदी से बातचीत के दौरान अनिमेष कुजूर ने अपने सफर के बारे में बताया। उन्होंने कहा, "पिछले साल मैंने नेशनल एशियन मेडल और वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स मेडल जीते। मैंने 2021 में स्कूल खत्म करने के बाद एथलेटिक्स में कदम रखा। कोविड के बाद, मेरे फुटबॉल खेलने वाले दोस्तों ने मुझे स्टेट लेवल प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। मैंने भाग लिया, लेकिन मुझे नेशनल लेवल के चयन की जानकारी नहीं थी। मेरा चयन हुआ और अब मैं इंटरनेशनल स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं।"
गुरिंदरवीर की ड्यूटी
100 मीटर में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने वाले एथलीट गुरिंदरवीर सिंह ने कहा, "मैं भारतीय नौसेना में पेटी ऑफिसर हूं। मैं 10.1 सेकंड से कम समय में दौड़ने वाला पहला भारतीय हूं। मैं ट्रैक पर और अपनी वर्दी में, दोनों तरह से देश की सेवा करने की कोशिश कर रहा हूं।"
प्रेरणा के स्रोत
गुरिंदरवीर ने अपनी प्रेरणा के बारे में बताया, "मेरे पिता मुझे अपने खेल और नेशनल मेडल जीतने की कहानियां सुनाते थे, जिससे मेरे अंदर खेल में आने की इच्छा जागी। वे मुझे अपने साथ ले जाते थे और उन्होंने मुझे वह सब सिखाया जो उन्होंने अपने खेल के दिनों में सीखा था। मैंने उसेन बोल्ट का वर्ल्ड रिकॉर्ड टूटते देखा था, तब मैंने अपनी मां से कहा था कि एक दिन ऐसा आएगा जब आप मुझे टीवी पर देखेंगी। मैं महान धावक मिल्खा सिंह और अपने पिता से बहुत प्रेरित हूं।"