×

प्रधानमंत्री मोदी की नीदरलैंड यात्रा: व्यापार और प्रौद्योगिकी में सहयोग की नई संभावनाएँ

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नीदरलैंड में व्यापार, प्रौद्योगिकी और रक्षा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण वार्ता की। इस यात्रा के दौरान, उन्होंने डच समकक्ष रॉब जेटेन से बातचीत की और राजा विलेम-अलेक्जेंडर से मिलने की योजना बनाई। विदेश मंत्रालय ने इस दौरे को भारत-नीदरलैंड्स संबंधों को और मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया है। मोदी की यह यात्रा 2017 में उनकी पिछली यात्रा के बाद दूसरी है, जिसमें सेमीकंडक्टर, जल प्रबंधन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर जोर दिया गया है।
 

नीदरलैंड में प्रधानमंत्री मोदी का आगमन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने पांच देशों के दौरे के दूसरे चरण में शुक्रवार को नीदरलैंड में कदम रखा। यहाँ वह अपने डच समकक्ष रॉब जेटेन के साथ व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के लिए चर्चा करेंगे।


नीदरलैंड पहुँचने से पहले, प्रधानमंत्री ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में लगभग ढाई घंटे का ठहराव किया, जहाँ उन्होंने राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ वार्ता की।


स्वागत और यात्रा का महत्व

नीदरलैंड में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने वालों में एडजुटेंट-जनरल, रियर एडमिरल लुडगर ब्रुमेलार, डच विदेश मंत्री टॉम बेरेंडसेन और भारत के राजदूत कुमार तुहिन शामिल थे।


मोदी ने सोशल मीडिया पर अपने आगमन की जानकारी देते हुए कहा, "मैं एम्स्टर्डम पहुँच गया हूँ। यह यात्रा उस समय हो रही है जब भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते ने व्यापार और निवेश संबंधों को नई गति दी है।"


भारत-नीदरलैंड्स संबंधों की मजबूती

विदेश मंत्रालय ने इस दौरे को "बहुआयामी भारत-नीदरलैंड्स साझेदारी" को और मजबूत करने का अवसर बताया है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह दौरा मुख्य भूमि यूरोप में भारतीय प्रवासी समुदाय से जुड़ने का भी एक महत्वपूर्ण मौका है।


प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह राजा विलेम-अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा से भी मुलाकात करेंगे और इस यात्रा के दौरान एक सामुदायिक कार्यक्रम को संबोधित करने के लिए उत्सुक हैं।


सहयोग के नए क्षेत्र

भारत और नीदरलैंड्स ने अपने सहयोग को पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़ाते हुए सेमीकंडक्टर, रक्षा, सुरक्षा, नवाचार, नवीकरणीय ऊर्जा, समुद्री सहयोग, शिक्षा और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में भी विस्तारित किया है।


प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे के दौरान नीदरलैंड्स के प्रमुख व्यापारिक नेताओं से मिलने की संभावना है।


व्यापारिक संबंधों की स्थिति

नीदरलैंड्स वर्तमान में भारत के लिए यूरोप में एक प्रमुख व्यापारिक गंतव्य बना हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, 2024-25 में द्विपक्षीय व्यापार 27.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया।


नीदरलैंड्स भारत का चौथा सबसे बड़ा निवेशक है, जिसका कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) 55.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया है।


लोगों के बीच संबंध

नीदरलैंड्स में 90,000 से अधिक अनिवासी भारतीय और भारतीय मूल के लोग निवास करते हैं, साथ ही यहाँ सूरीनाम-हिंदुस्तानी समुदाय के 200,000 से अधिक सदस्य भी हैं।


लगभग 3,500 भारतीय छात्र वर्तमान में नीदरलैंड्स के विश्वविद्यालयों में अध्ययन कर रहे हैं।