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प्रधानमंत्री मोदी की नई खाद्य सुरक्षा योजना और गर्मी से बचाव के उपाय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में खाद्य सुरक्षा योजना की घोषणा की, जिसका उद्देश्य 81 करोड़ लाभार्थियों को सीधे लाभ पहुंचाना है। इस योजना के तहत तकनीकी सुधारों पर जोर दिया जाएगा, जिससे खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी। इसके साथ ही, गर्मी के मौसम में नागरिकों को सतर्क रहने और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है। जानें इस योजना के बारे में और गर्मी से बचाव के उपायों के बारे में।
 

केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक प्रेस कांफ्रेंस में इन फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने खाद्य सुरक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने सार्थक पीडीएस योजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत अगले पांच वर्षों में केंद्र सरकार लगभग 25,530 करोड़ रुपये खर्च करेगी।


सार्थक पीडीएस योजना का उद्देश्य

यह योजना दो मौजूदा योजनाओं को मिलाकर बनाई गई है। इनमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत खाद्यान्न के परिवहन और उचित मूल्य की दुकानों के विक्रेताओं के लिए सहायता योजना शामिल है। इन दोनों योजनाओं को एकीकृत कर सार्थक पीडीएस योजना बनाई गई है, जिसका उद्देश्य खाद्यान्न वितरण को अंतिम लाभार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।


लाभार्थियों को सीधा लाभ

सरकार का कहना है कि इस योजना से 81 करोड़ 35 लाख लाभार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। योजना के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को खाद्यान्न परिवहन, भंडारण और उचित मूल्य की दुकानों के संचालन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही राशन दुकानदारों के कमीशन में भी सुधार किया जाएगा। यह योजना 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगी।


तकनीकी सुधारों पर जोर

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से और अधिक सक्षम बनाने पर ध्यान दे रही है। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण और ब्लॉकचेन जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। योजना के अंतर्गत एकीकृत डाटाबेस, वास्तविक समय निगरानी प्रणाली और शिकायत निवारण तंत्र विकसित किए जाएंगे। इससे खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी और लाभार्थियों को समय पर सुविधा मिलेगी।


गर्मी से बचाव के उपाय

प्रधानमंत्री मोदी ने देश में बढ़ती गर्मी को देखते हुए नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने लोगों से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और जरूरतमंदों को पानी उपलब्ध कराने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि अत्यधिक गर्मी के दौरान लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और अस्वस्थ महसूस करने पर तुरंत ठंडी जगह पर जाना चाहिए।


बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा

प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को अधिक सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि लू के संकेतों को अनदेखा करना गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। नागरिकों से अपने बुजुर्ग परिजनों का हालचाल लेने और उन्हें दोपहर में बाहर न निकलने की सलाह देने को कहा गया है।


पक्षियों और जानवरों के प्रति संवेदनशीलता

प्रधानमंत्री ने गर्मी में पक्षियों और जानवरों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि घरों और कार्यालयों के बाहर पानी से भरे बर्तन रखने चाहिए ताकि प्यासे पक्षियों और जानवरों को राहत मिल सके।


मंत्रियों की समिति की बैठक

प्रधानमंत्री के निर्देश पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंत्रियों की समिति की बैठक हुई। यह समिति पश्चिम एशिया में संघर्ष की स्थिति और उसके भारत पर प्रभावों की निगरानी के लिए बनाई गई है। बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, आवश्यक वस्तुओं और उर्वरकों की आपूर्ति की समीक्षा की गई।


सरकार की प्राथमिकताएं

केंद्र सरकार के निर्णय यह दर्शाते हैं कि मोदी सरकार नागरिकों के जीवन को सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सार्थक पीडीएस योजना के माध्यम से गरीबों तक खाद्यान्न की प्रभावी आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही, गर्मी के दौरान लोगों और जानवरों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने की अपील सरकार के मानवीय दृष्टिकोण को उजागर करती है।