प्रधानमंत्री मोदी की इजराइल यात्रा: ऐतिहासिक क्षण और रणनीतिक सहयोग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजराइल के तेल अवीव में अपने दो दिवसीय दौरे की शुरुआत की, जहां उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की। इस यात्रा के दौरान, मोदी ने इजरायल की संसद, नेसेट को संबोधित करने का ऐतिहासिक अवसर प्राप्त किया। यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, जो दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करेंगे। जानें इस यात्रा के प्रमुख पहलुओं और इजराइल में भारतीय समुदाय की प्रतिक्रिया के बारे में।
Feb 25, 2026, 16:51 IST
प्रधानमंत्री मोदी का इजराइल दौरा
बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेल अवीव में अपने दो दिवसीय आधिकारिक दौरे की शुरुआत की। इस अवसर पर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा नेतन्याहू ने उन्हें बेन गुरियन हवाई अड्डे पर लाल कालीन पर स्वागत किया। इस यात्रा के दौरान, मोदी इजरायल की संसद, नेसेट को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनेंगे, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों को दर्शाता है। वे रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए नेतन्याहू के साथ चर्चा करेंगे, इसके अलावा राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग से भी मुलाकात करेंगे और भारतीय प्रवासियों से संवाद करेंगे। इसके साथ ही, वे याद वाशेम होलोकॉस्ट स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
समझौतों की उम्मीद
इस यात्रा के दौरान एक महत्वपूर्ण रक्षा सहयोग समझौते सहित कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है, जिससे संबंधों को ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। इजराइली मीडिया ने मोदी की यात्रा को एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा है और इसे देश के लिए एक मित्र की महत्वपूर्ण यात्रा के रूप में वर्णित किया है। यरुशलम में इस यात्रा को लेकर उत्साह स्पष्ट है, जहां भारतीय समुदाय के लोग सड़कों पर ‘नमस्ते’ कहकर उनका स्वागत कर रहे हैं।
संसद भवन की सजावट
संसद भवन की ओर जाने वाली सड़कों पर भारतीय और इजराइली झंडे लगाए गए हैं, और ‘नेसेट’ को भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रंगों से सजाया गया है। यात्रा की तैयारियों में शामिल लोग भारतीयों का गर्मजोशी से अभिवादन कर रहे हैं और उनकी भलाई पूछ रहे हैं। इजराइल की घरेलू राजनीति के बावजूद, विपक्ष ने खुद को भारत-विरोधी या मोदी की आलोचना करने से दूर रखा है और भारत को एक ‘महत्वपूर्ण सहयोगी’ के रूप में स्वीकार किया है। प्रमुख अंग्रेजी दैनिक ने इस यात्रा को संबंधों में एक ‘नए दौर’ का प्रतीक बताया है।
ऐतिहासिक संबोधन
कई समाचार पत्रों ने मोदी द्वारा इजराइली संसद (नेसेट) को संबोधित करने को ‘ऐतिहासिक’ बताया है। यह संबोधन किसी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा नेसेट में पहला होगा। इजराइली मीडिया ने इस बात पर जोर दिया है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा में उच्च स्तरीय सहयोग के साथ-साथ रक्षा संबंधों में संयुक्त उत्पादन की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे। प्रमुख समाचार पत्रों ने मोदी और नेतन्याहू की पुरानी तस्वीरें भी प्रकाशित की हैं। नेतन्याहू ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें यात्रा के ऐतिहासिक क्षणों को दर्शाया गया है।