प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लिए महत्वपूर्ण निर्णय
केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए निर्णय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में आज केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक के बाद इन फैसलों की जानकारी साझा की। सरकार ने 32,701 करोड़ रुपये के निवेश वाले दो बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। इनमें से एक 23,731 करोड़ रुपये की गोबरधन (GOBARdhan) योजना है, जबकि दूसरा असम में बाईहाटा चारियाली से तेजपुर तक 8,970 करोड़ रुपये की लागत से चार लेन राजमार्ग का निर्माण है।
गोबरधन योजना का उद्देश्य
वैष्णव ने बताया कि गोबरधन योजना का मुख्य उद्देश्य देश में संपीड़ित बायो-गैस (CBG) के उत्पादन और वितरण को बढ़ावा देना है, जिससे ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी। सरकार का कहना है कि भारत अपनी प्राकृतिक गैस की लगभग 50 प्रतिशत जरूरतों को आयात से पूरा करता है। हाल के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के चलते ऊर्जा सुरक्षा एक नई चुनौती बन गई है। ऐसे में घरेलू स्तर पर उत्पादित बायो-गैस इसका स्थायी समाधान हो सकता है।
योजना के प्रमुख स्तंभ
मंत्री ने बताया कि इस योजना को छह प्रमुख स्तंभों पर आधारित किया गया है। इनमें उत्पाद की सुनिश्चित खरीद, मूल्य स्थिरता, पूंजीगत सहायता, पाइपलाइन अवसंरचना का विकास, ऋण गारंटी और नवाचार के लिए चैलेंज फंड शामिल हैं। प्रत्येक बायो-गैस संयंत्र को सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क या ट्रंक पाइपलाइन से जोड़ा जाएगा। सरकार समर्थित मूल्य व्यवस्था से वैश्विक ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर कम होगा। इसके साथ ही एमएसएमई आधारित परियोजनाओं को 85 प्रतिशत तक ऋण गारंटी और संयंत्रों के लिए पूंजीगत सहायता भी प्रदान की जाएगी।
आर्थिक लाभ और रोजगार सृजन
सरकार का अनुमान है कि अगले दस वर्षों में इस योजना के तहत सीबीजी उत्पादन में दस गुना वृद्धि होगी, जिससे ऊर्जा आयात पर निर्भरता कम होगी और 40,000 करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा की बचत होगी। इसके अलावा, यह योजना राष्ट्रीय जीडीपी में 75,000 करोड़ रुपये से अधिक का योगदान देगी, डेढ़ लाख से अधिक रोजगार सृजित करेगी, 10 मिलियन मीट्रिक टन जीवाश्म ईंधन का विकल्प तैयार करेगी, 40 मिलियन टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन में कमी लाएगी और 250 मिलियन मीट्रिक टन जैविक उर्वरक का उत्पादन करेगी।
असम में चार लेन राजमार्ग का निर्माण
इसके अतिरिक्त, कैबिनेट ने असम में राष्ट्रीय राजमार्ग-15 पर बाईहाटा चारियाली (गुवाहाटी के निकट) से मिशन चारियाली (तेजपुर के निकट) तक 135.87 किलोमीटर लंबे चार लेन राजमार्ग के निर्माण को भी मंजूरी दी है। यह परियोजना 8,970 करोड़ रुपये की लागत से बीओटी (टोल) मॉडल पर विकसित की जाएगी। इसमें अत्याधुनिक मशीन आधारित निर्माण तकनीक (AIMC), ओपन टोलिंग और एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
राजमार्ग का महत्व
सरकार के अनुसार, यह राजमार्ग तेजपुर जैसे महत्वपूर्ण रक्षा केंद्र तक रणनीतिक संपर्क को मजबूत करेगा, असम और अरुणाचल प्रदेश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों के बीच संपर्क बढ़ाएगा, माल ढुलाई को गति देगा और गुवाहाटी-तेजपुर की यात्रा का समय लगभग साढ़े तीन घंटे से घटाकर करीब 1.7 घंटे कर देगा। इसके साथ ही, पांच बाईपासों के माध्यम से यातायात का दबाव कम होगा और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।