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प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल के महत्वपूर्ण निर्णय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना और आव्रजन सुधारों पर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इस योजना के तहत 100 नए हवाई अड्डों का विकास किया जाएगा, जिससे छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, आव्रजन प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए नई तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे यात्रियों को तेज और सुगम सेवाएं मिलेंगी। ये कदम भारत के आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे को नई दिशा देने में सहायक होंगे।
 

केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए निर्णय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में आज केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन फैसलों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना के संशोधित संस्करण और आव्रजन, वीजा, विदेशी पंजीकरण एवं ट्रैकिंग योजना को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। सरकार ने इस संशोधित योजना को वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू करने की मंजूरी दी है, जिसके लिए 28840 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़ना है, ताकि आम नागरिकों को सस्ती हवाई यात्रा उपलब्ध हो सके।


नए हवाई अड्डों का विकास और रोजगार के अवसर

इस योजना के अंतर्गत 100 नए हवाई अड्डों का विकास किया जाएगा, जिसके लिए लगभग 12159 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे देश के दूरदराज के क्षेत्रों में विकास को गति मिलेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। हवाई अड्डों के संचालन और रखरखाव के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिसमें लगभग 441 हवाई अड्डों को तीन वर्षों तक सहायता दी जाएगी, जिससे इन्हें आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाया जा सके।


हेलीपैड और आपातकालीन सेवाओं में सुधार

इसके अतिरिक्त, सरकार ने पहाड़ी, द्वीपीय और दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर संपर्क के लिए 200 आधुनिक हेलीपैड बनाने का निर्णय लिया है। प्रत्येक हेलीपैड पर लगभग 15 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिससे आपातकालीन सेवाओं, चिकित्सा सहायता और अंतिम मील संपर्क में सुधार होगा। योजना के तहत विमानन कंपनियों को व्यवहार्यता अंतर सहायता भी दी जाएगी, जिससे वे कम लाभकारी मार्गों पर भी सेवाएं जारी रख सकें। इसके लिए 10 वर्षों में 10043 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।


स्वदेशी विमानों को बढ़ावा

आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशी विमानों को बढ़ावा देने के लिए ध्रुव हेलीकॉप्टर और डोर्नियर विमान खरीदे जाएंगे, जिससे देश के विमानन उद्योग को मजबूती मिलेगी। इस योजना से छोटे शहरों में व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी और आपातकालीन प्रतिक्रिया समय कम होगा। यह योजना विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


आव्रजन प्रणाली में सुधार

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आव्रजन, वीजा, विदेशी पंजीकरण और ट्रैकिंग योजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी है, जिसके लिए 1800 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इस योजना का उद्देश्य देश की आव्रजन प्रणाली को आधुनिक और सुरक्षित बनाना है। नई तकनीकों के उपयोग से यात्रियों को तेज और सुगम सेवाएं मिलेंगी, जबकि राष्ट्रीय सुरक्षा भी मजबूत होगी।


मोबाइल सेवाओं और स्वचालित द्वारों का विकास

इस योजना के तहत मोबाइल आधारित सेवाएं, स्वयं सेवा कियोस्क और एकीकृत डिजिटल प्लेटफार्म विकसित किए जाएंगे, जिससे वीजा प्रक्रिया पूरी तरह संपर्क रहित हो जाएगी। पिछले वर्षों में 91 प्रतिशत से अधिक ई वीजा आवेदन 72 घंटे के भीतर निपटाए गए हैं। हवाई अड्डों पर जांच का समय भी घटकर लगभग 2.5 से 3 मिनट रह गया है।


यात्रियों के लिए सुविधाएं

तेज आव्रजन कार्यक्रम के तहत बड़े हवाई अड्डों पर स्वचालित द्वार लगाए गए हैं, जिससे जांच का समय घटकर केवल 30 सेकंड रह गया है। इससे यात्रियों को काफी सुविधा मिल रही है। इस योजना से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की संख्या बढ़ेगी, जिससे पर्यटन, चिकित्सा और व्यापार क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।


केंद्र सरकार के निर्णयों का महत्व

कुल मिलाकर, केंद्र सरकार के ये निर्णय देश के बुनियादी ढांचे, सुरक्षा और आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाले हैं। क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना देश के हर कोने को जोड़ने का कार्य करेगी, जबकि आधुनिक आव्रजन प्रणाली भारत को वैश्विक स्तर पर और अधिक आकर्षक बनाएगी। ये कदम विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।