प्रधानमंत्री मोदी का वाराणसी दौरा: गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में अपने दौरे के दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन किए और गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। यह एक्सप्रेसवे 594 किलोमीटर लंबा है और उत्तर प्रदेश के 12 जिलों को जोड़ता है। इसके उद्घाटन से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि प्रयागराज जैसे धार्मिक स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि होने की उम्मीद है। जानें इस एक्सप्रेसवे के महत्व और इसके संभावित प्रभाव के बारे में।
Apr 29, 2026, 11:11 IST
प्रधानमंत्री मोदी का वाराणसी में रोड शो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वाराणसी दौरे के दूसरे दिन, बुधवार को काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने बरेका से मंदिर तक एक भव्य रोड शो का आयोजन किया। इस अवसर पर भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत फूलों की वर्षा के साथ किया। रास्ते में छह विभिन्न स्थानों पर उनका अभिनंदन किया गया, और ढोल-नगाड़ों तथा शंखनाद की गूंज से पूरा शहर उत्सव के रंग में रंगा रहा।
गंगा एक्सप्रेसवे का महत्व
आज प्रधानमंत्री मोदी ने गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया, जो उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक फैला हुआ है और इसकी लंबाई 594 किलोमीटर है, जो राज्य का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है। यह पश्चिमी, मध्य और पूर्वी क्षेत्रों के 12 जिलों को जोड़ता है, जिससे यात्रा का समय कम होने के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर से कनेक्टिविटी में सुधार की उम्मीद है।
प्रयागराज के लिए परिवर्तनकारी प्रभाव
प्रयागराज, जो एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र है, के लिए यह एक्सप्रेसवे एक महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा। यहां महाकुंभ और माघ मेला जैसे बड़े आयोजन होते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। बेहतर सड़क संपर्क से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होने और सड़क यात्रा को बढ़ावा मिलने की संभावना है, जिससे मार्ग में स्थित छोटे, अनछुए स्थलों पर ध्यान आकर्षित होगा और ग्रामीण पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।