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प्रधानमंत्री मोदी का नीदरलैंड दौरा: व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों को नई दिशा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड में अपने दौरे के दौरान व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण वार्ताएं कीं। उन्होंने नीदरलैंड के प्रधानमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों से मुलाकात की, जहां सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई। भारतीय समुदाय ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उनका स्वागत किया। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और नीदरलैंड के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना है। जानें इस यात्रा के प्रमुख पहलुओं के बारे में।
 

प्रधानमंत्री मोदी का नीदरलैंड में स्वागत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पांच देशों के यूरोपीय दौरे के दूसरे चरण में नीदरलैंड का दौरा किया, जहां उनका भव्य स्वागत हुआ। एम्स्टर्डम हवाई अड्डे पर नीदरलैंड के उच्च अधिकारियों, विदेश मंत्री टॉम बेरेंडसन, भारतीय राजदूत कुमार तुहिन और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने उनका स्वागत किया। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते ने व्यापार और निवेश संबंधों को नई गति दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दौरा सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, जल प्रबंधन, कृषि, स्वास्थ्य और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करेगा.


द्विपक्षीय वार्ता और सांस्कृतिक संबंध

प्रधानमंत्री मोदी ने नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब येटेन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की और राजा विलेम अलेक्जेंडर तथा महारानी मैक्सिमा से भी मुलाकात की। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा भारत और नीदरलैंड के बहुआयामी संबंधों को नई ऊंचाई देने का अवसर है। दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश में लगातार वृद्धि हो रही है। 2024-25 में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 27.8 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है, और नीदरलैंड भारत में चौथा सबसे बड़ा विदेशी निवेशक बन चुका है.


भारतीय समुदाय का योगदान

हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और नीदरलैंड के सांस्कृतिक और मानवीय संबंधों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों में खेल संस्कृति बेहद मजबूत है। उन्होंने नीदरलैंड क्रिकेट टीम की सराहना की और कहा कि भारतीय हॉकी की सफलता में डच प्रशिक्षकों का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि आगामी ओलंपिक खेलों में भारत और नीदरलैंड की साझेदारी और मजबूत होगी.


संस्कृति और परंपराओं का महत्व

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और नीदरलैंड की मित्रता को प्रतीकात्मक रूप से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार नीदरलैंड ट्यूलिप के लिए प्रसिद्ध है, उसी प्रकार भारत कमल के लिए जाना जाता है। दोनों देश वैश्विक मंच पर मिलकर महत्वपूर्ण परियोजनाओं और विकास के नए आयाम स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का उल्लेख करते हुए हाल के चुनावों में रिकॉर्ड मतदान को विकास की राजनीति पर जनता के विश्वास का प्रतीक बताया.


सूरीनामी हिंदुस्तानी समुदाय की उपस्थिति

नीदरलैंड प्रवास का एक विशेष पहलू वहां रहने वाले सूरीनामी हिंदुस्तानी समुदाय की उपस्थिति रही। लगभग डेढ़ शताब्दी पहले बिहार, उत्तर प्रदेश और बंगाल से गए भारतीय मजदूरों की संतानों ने यूरोप में भारतीय संस्कृति की एक अनोखी पहचान बनाई है। 1873 में 'लल्ला रूख' नामक जहाज से भारतीय मजदूर सूरीनाम पहुंचे थे, और स्वतंत्रता के बाद हजारों लोग नीदरलैंड आ बसे.


प्रधानमंत्री मोदी का सांस्कृतिक कार्यक्रम में भागीदारी

प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में भारतीय समुदाय ने कथक, गरबा और भोजपुरी गीतों की रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। प्रधानमंत्री ने भी सोशल मीडिया पर इन कार्यक्रमों की तस्वीरें साझा करते हुए समुदाय के स्नेह के लिए आभार व्यक्त किया.


आर्थिक सहयोग और भविष्य की योजनाएं

इस यात्रा का एक बड़ा उद्देश्य रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाना भी है। प्रधानमंत्री ने डच उद्योग जगत के प्रमुख नेताओं से मुलाकात की, जहां सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, हरित ऊर्जा और नई प्रौद्योगिकी पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान नीदरलैंड की प्रमुख तकनीकी कंपनियों के साथ सहयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण समझौतों की संभावना जताई जा रही है.


यूरोपीय यात्रा का समापन

नीदरलैंड यात्रा के बाद, प्रधानमंत्री मोदी स्वीडन, नार्वे और इटली भी जाएंगे। स्वीडन में वह उद्योग और प्रौद्योगिकी से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेंगे, जबकि नार्वे में भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हरित ऊर्जा, समुद्री अर्थव्यवस्था, अंतरिक्ष और रक्षा सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा होगी.