प्रधानमंत्री मोदी का उत्तर प्रदेश दौरा: विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और नई ट्रेन सेवाएं
प्रधानमंत्री का दो दिवसीय उत्तर प्रदेश दौरा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को उत्तर प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचेंगे। इस यात्रा के दौरान, वह वाराणसी में एक महिला सम्मेलन में भाग लेंगे, विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे, और अपने संसदीय क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करेंगे।
हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मोदी बुधवार को हरदोई जाएंगे, जहां वह गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे और एक सभा को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री 1,050 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पूरी हुई 48 परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे और लगभग 5,300 करोड़ रुपये की लागत वाली 112 परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इनमें वाराणसी-आजमगढ़ सड़क का चौड़ीकरण, कज्जाकपुरा और कादीपुर में रेल ओवर ब्रिज, और भगवानपुर में 55 एमएलडी क्षमता वाला मलजल उपचार संयंत्र शामिल हैं।
नई ट्रेन सेवाओं का शुभारंभ
उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच रेल संपर्क को मजबूत करने के लिए, मोदी दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे। ये ट्रेनें वाराणसी से पुणे (हडपसर) और अयोध्या से मुंबई (लोकमान्य तिलक टर्मिनस) के बीच चलेंगी। इस पहल से राज्य के तीर्थयात्रियों, विद्यार्थियों, प्रवासी मजदूरों और छोटे व्यापारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
गंगा एक्सप्रेसवे की विशेषताएं
आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, मोदी बुधवार सुबह लगभग साढ़े आठ बजे वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद हरदोई रवाना होंगे। गंगा एक्सप्रेसवे, जो लगभग 36,230 करोड़ रुपये की लागत से बना है, 594 किलोमीटर लंबा और छह लेन का ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर है। यह मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जिलों से होकर गुजरता है। इस परियोजना से यात्रा का समय मौजूदा 10-12 घंटे से घटकर लगभग छह घंटे होने की उम्मीद है।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा
गंगा एक्सप्रेसवे से तीर्थ सर्किट भी मजबूत होगा। प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंच पहले से कहीं आसान हो जाएगी, जिससे श्रद्धालु एक ही यात्रा में कई तीर्थस्थलों के दर्शन कर सकेंगे। इससे धार्मिक पर्यटन की अवधि, खर्च और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होने की संभावना है। यह एक्सप्रेसवे राज्य के व्यापक एक्सप्रेसवे नेटवर्क की रीढ़ बनेगा।