प्रधानमंत्री मोदी का इजराइल संसद में ऐतिहासिक भाषण: आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी का इजराइल दौरा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को इजराइल की संसद, जिसे 'नेसेट' कहा जाता है, को संबोधित कर एक नया अध्याय लिखा। वह इस संसद को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने हैं। अपने प्रभावशाली भाषण में, उन्होंने भारत की आतंकवाद के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' नीति को दोहराया और गाजा शांति पहल को क्षेत्रीय स्थिरता का एकमात्र समाधान बताया।
आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति
मोदी ने इजराइल के प्रति एकजुटता का स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि आतंकवाद, चाहे वह कहीं भी हो, सभी जगहों की शांति के लिए खतरा है। उन्होंने यह भी कहा कि इजराइल की तरह, भारत भी आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करने की एक सुसंगत नीति अपनाता है।
गाजा शांति पहल का समर्थन
प्रधानमंत्री ने गाजा शांति पहल का समर्थन करते हुए कहा कि यह योजना क्षेत्र के लिए न्यायसंगत और स्थायी शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि भारत इस पहल के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता व्यक्त करता है।
भारत-इजराइल संबंधों की मजबूती
मोदी ने भारत और इजराइल के बीच मजबूत संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि और विभिन्न सहयोगी ढांचों जैसे 'इंडिया मिडिल ईस्ट-यूरोप इकनॉमिक कॉरीडोर' का उल्लेख किया।