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प्रधानमंत्री मोदी का 5 देशों का महत्वपूर्ण दौरा: UAE से यूरोप तक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 मई से 5 देशों के दौरे पर जा रहे हैं, जिसमें UAE और यूरोप के चार प्रमुख देश शामिल हैं। इस यात्रा का उद्देश्य व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना, हरित तकनीक पर ध्यान केंद्रित करना और भारतीय समुदाय के साथ संवाद करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा भारत की वैश्विक भूमिका को और सशक्त करेगा। जानें इस दौरे के प्रमुख पहलुओं के बारे में।
 

प्रधानमंत्री मोदी का मेगा दौरा

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर से भारत की वैश्विक स्थिति को मजबूत करने के लिए तैयार हैं। 15 मई से, वे 5 देशों के एक महत्वपूर्ण दौरे पर निकलेंगे। यह 6 दिवसीय यात्रा संयुक्त अरब अमीरात के साथ-साथ यूरोप के चार प्रमुख देशों—नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा करेगी।


UAE के साथ व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा

इस यात्रा के पहले चरण में, पीएम मोदी UAE जाएंगे, जहाँ ऊर्जा सुरक्षा और द्विपक्षीय व्यापार पर कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। पिछले कुछ वर्षों में खाड़ी देशों के साथ भारत के संबंधों में काफी सुधार हुआ है, और यह दौरा उन्हें और मजबूत करेगा।


यूरोप का नॉर्डिक मिशन

UAE के बाद, प्रधानमंत्री यूरोप की ओर बढ़ेंगे। नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा तकनीकी, हरित अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।


व्यापार और रक्षा सहयोग पर चर्चा

नीदरलैंड और इटली के साथ व्यापार और रक्षा सहयोग पर बातचीत होगी। वहीं, स्वीडन और नॉर्वे में, प्रधानमंत्री ‘हरित तकनीक’ और नवाचार पर ध्यान केंद्रित करेंगे, जिससे भारत के जलवायु लक्ष्यों को मजबूती मिलेगी।


भारतीय समुदाय और वैश्विक निवेश

इस दौरे का एक प्रमुख फोकस ‘भारतीय समुदाय’ भी होगा। पीएम मोदी हर देश में प्रवासी भारतीयों से संवाद करेंगे, जो विदेशों में भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ के रूप में जाने जाते हैं। इसके साथ ही, विदेशी निवेशकों को भारत के बढ़ते बाजार और ‘मेक इन इंडिया’ की ओर आकर्षित करना भी इस दौरे का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है।


भारत की वैश्विक भूमिका

विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे से न केवल यूरोप और खाड़ी देशों के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी मजबूत होगी, बल्कि रूस-यूक्रेन संघर्ष और वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत की भूमिका एक ‘विश्व मित्र’ के रूप में और भी सशक्त होगी।