प्रधानमंत्री मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकात: भारत-इटली संबंधों में नई दिशा
मोदी और मेलोनी की अनौपचारिक मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, जिन्हें सोशल मीडिया पर 'मेलोडी' के नाम से जाना जाता है, इस समय वैश्विक चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। दोनों नेताओं की मुलाकात के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही हैं। विभिन्न टेलीविजन चैनलों पर इनकी अनौपचारिक बातचीत की चर्चा हो रही है। इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफार्मों पर 'मेलोडी' से संबंधित तस्वीरों और वीडियो पर कई रील्स और मीम्स बनाए जा रहे हैं, जिन्हें दर्शकों द्वारा काफी सराहा जा रहा है। विशेष रूप से, मोदी द्वारा मेलोनी को उपहार में दी गई मेलोडी टॉफी का वीडियो बहुत लोकप्रिय हो रहा है.
भारत-इटली संबंधों को नई दिशा
प्रधानमंत्री मोदी की पांच देशों की यात्रा के अंतिम चरण में इटली पहुंचने पर भारत और इटली के बीच महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल देखने को मिली। रोम पहुंचते ही, मोदी ने मेलोनी से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने रात्रिभोज के बाद रोम के ऐतिहासिक कोलोसियम का दौरा किया, जहां उन्होंने विभिन्न वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। मोदी ने एक्स पर साझा की गई तस्वीरों में बताया कि इस मुलाकात में उन्होंने कई विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और भारत-इटली मित्रता को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की। मेलोनी ने भी मोदी का स्वागत करते हुए लिखा, 'रोम में स्वागत है मेरे मित्र।'
कोलोसियम में अनौपचारिक बातचीत
कोलोसियम में दोनों नेताओं की अनौपचारिक बातचीत और रोम की सड़कों पर साथ यात्रा करते दृश्य ने भारत और इटली के बीच बढ़ती निकटता को दर्शाया। इस मुलाकात को नई 'कार कूटनीति' के रूप में देखा जा रहा है। मोदी ने इस अवसर पर इटली के प्रसिद्ध चित्रकार जियामपाओलो टोमासेत्ती की भारतीय संस्कृति से प्रेरित चित्रकृतियों की सराहना की।
भारतीय समुदाय का स्वागत
रोम पहुंचने पर भारतीय समुदाय ने मोदी का भव्य स्वागत किया। होटल के बाहर भारतीय प्रवासियों ने तिरंगे लहराए, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और मोदी के समर्थन में नारे लगाए। मोदी ने बच्चों से मुलाकात की और एक बाल प्रशंसक को हस्ताक्षरित चित्र भेंट किया। उन्होंने कहा कि इटली में रहने वाले भारतीय भारत-इटली संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
विशेष रणनीतिक साझेदारी का नया दौर
मोदी और मेलोनी ने एक लेख में भारत-इटली संबंधों को 'विशेष रणनीतिक साझेदारी' के नए दौर में प्रवेश करने का उल्लेख किया। दोनों नेताओं ने कहा कि अब ये संबंध केवल मित्रता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वतंत्रता, लोकतंत्र और साझा भविष्य की सोच पर आधारित व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदल चुके हैं। लेख में कहा गया कि तेजी से बदलती वैश्विक व्यवस्था में भारत और इटली आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
साझा औद्योगिक क्षमताएं
मोदी और मेलोनी ने 'मेड इन इटली' और 'मेक इन इंडिया' पहलों के बीच तालमेल को दोनों देशों की औद्योगिक क्षमताओं को नई दिशा देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल दो अर्थव्यवस्थाओं का मेल नहीं, बल्कि साझा मूल्य निर्माण की दिशा में बड़ा कदम है।
तकनीकी सहयोग पर जोर
दोनों नेताओं ने तकनीकी सहयोग को साझेदारी का सबसे महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कृत्रिम मेधा, क्वांटम कंप्यूटिंग, डिजिटल अवसंरचना और उन्नत विनिर्माण में सहयोग बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत की डिजिटल क्षमता और इटली की नैतिक तथा औद्योगिक विशेषज्ञता मिलकर मानव केंद्रित तकनीकी विकास का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।
सुरक्षा और सहयोग के क्षेत्र
दोनों नेताओं ने अंतरिक्ष, रक्षा, साइबर सुरक्षा और समुद्री सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। आतंकवाद, मानव तस्करी, साइबर अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए साझा रणनीति पर जोर दिया गया।
आर्थिक गलियारे का विकास
भारत और इटली ने भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारे को वैश्विक संपर्क और व्यापार का नया माध्यम बताते हुए इसे आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। दोनों नेताओं ने कहा कि हिंद महासागर और भूमध्यसागरीय क्षेत्र अब परस्पर जुड़े आर्थिक और रणनीतिक क्षेत्र बनते जा रहे हैं।