प्रतीक यादव का निधन: अपर्णा यादव के पति की कहानी
प्रतीक यादव का निधन
लखनऊ के एक अस्पताल में अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का निधन हो गया। उनकी उम्र 38 वर्ष थी। हाल ही में पत्नी अपर्णा के साथ विवाद के कारण प्रतीक चर्चा में आए थे, लेकिन उन्होंने बाद में कहा कि अब उनके बीच कोई विवाद नहीं है। उन्होंने यह भी कहा था कि जो लोग इस विवाद पर टिप्पणी कर रहे हैं, उन्हें कोई परवाह नहीं है। अपर्णा और प्रतीक की शादी 2011 में हुई थी।
परिवार और पृष्ठभूमि
प्रतीक यादव उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। वे अखिलेश यादव के सौतेले भाई थे, जो मुलायम सिंह की पहली पत्नी मालती देवी के बेटे हैं। मालती देवी का निधन 2003 में हुआ था। इसके बाद, मुलायम ने साधना से रिश्ता स्वीकार किया और प्रतीक का नाम सार्वजनिक किया।
शिक्षा और करियर
प्रतीक ने यूनाइटेड किंगडम से शिक्षा प्राप्त की और रियल एस्टेट का व्यवसाय चलाया। उनके पास 'द फिटनेस प्लैनेट' नामक जिम भी था। वे फिटनेस के प्रति उत्साही थे और कई महंगी कारों के मालिक थे। इसके अलावा, उन्होंने एक डॉग लवर के रूप में भी पहचान बनाई और जानवरों के कल्याण के लिए एक फाउंडेशन खोला।
अपर्णा यादव का राजनीतिक सफर
अपर्णा यादव ने 2022 में विधानसभा चुनाव से पहले सपा छोड़कर भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया। उस समय चर्चा थी कि भाजपा उन्हें लखनऊ कैंट से चुनाव लड़वा सकती है, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। 2017 में, उन्होंने सपा के टिकट पर लखनऊ कैंट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
अपर्णा की शिक्षा और पृष्ठभूमि
अपर्णा का जन्म लखनऊ कैंट में हुआ। उन्होंने लोरेटो कन्वेंट से स्कूली शिक्षा पूरी की और फिर पॉलिटिकल साइंस, मॉडर्न हिस्ट्री और इंग्लिश में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद, उन्होंने मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशन एंड पॉलिटिक्स में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त की। अपर्णा को संगीत और यात्रा का भी शौक है।
भविष्य की संभावनाएँ
अपर्णा यादव का राजनीतिक सफर भाजपा में शामिल होने के बाद किस दिशा में जाएगा, यह देखना दिलचस्प होगा। उनके पिता एक पत्रकार थे और मां लखनऊ नगर निगम में अधिकारी हैं। समाजवादी पार्टी से जुड़ी होने के बावजूद, अपर्णा अक्सर प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों की प्रशंसा करती रही हैं।