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पेट के कीड़ों से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय

पेट के कीड़े एक आम समस्या हैं, जो कई कारणों से उत्पन्न हो सकते हैं। इस लेख में, हम पेट के कीड़ों से छुटकारा पाने के लिए प्रभावी घरेलू उपायों के बारे में चर्चा करेंगे। जानें किन चीजों से परहेज करना चाहिए और किस प्रकार की सामग्री का उपयोग करना चाहिए। यह जानकारी आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।
 

पेट के कीड़ों का परिचय


शरीर के भीतर कई प्रकार के कीड़े होते हैं, जो विभिन्न आकार और रंग में पाए जाते हैं। ये कीड़े कई कारणों से शरीर में प्रवेश कर सकते हैं, जैसे कि छोटे बच्चों द्वारा गंदगी या अन्य वस्तुओं का सेवन करना, दूषित पानी पीना, या घावों के संपर्क में आना।


जो लोग स्वास्थ्य संबंधी नियमों का पालन नहीं करते, जैसे कि शुद्ध पानी का सेवन न करना, वे पेट के कीड़ों से अधिक प्रभावित होते हैं। ये कीड़े मल, कफ और रक्त के साथ बाहर निकल जाते हैं। छोटे कीड़ों को 'चुनने' और बड़े कीड़ों को 'पटेरे' कहा जाता है।


पेट के कीड़ों के कारण

पेट में कीड़ों के होने के कई कारण होते हैं, जैसे कि दूषित खान-पान, गंदे हाथों से खाना, भूख न लगना, मक्खियों द्वारा दूषित भोजन, और अधिक मीठा या खट्टा खाना। इसके अलावा, परिश्रम न करना और दिन में सोना भी इसके कारण बन सकते हैं।


आवश्यक सामग्री

अनार की जड़ की छाल 50 ग्राम


250 मिलीलीटर पानी


पलास बीज का चूर्ण 5 ग्राम


बायविडंग 10 ग्राम


बनाने की विधि

अनार के पेड़ की जड़ की ताजा छाल को 50 ग्राम लेकर छोटे टुकड़ों में काट लें। इसमें पलास बीज का चूर्ण और बायविडंग को एक लीटर पानी में उबालें। इसे तब तक उबालें जब तक आधा पानी न रह जाए। फिर इसे ठंडा करके छान लें।


यह जल दिन में चार बार आधा-आधा घंटे के अंतराल पर 50 ग्राम की मात्रा में पिलाने से पेट के सभी प्रकार के कीड़े बाहर निकल जाते हैं।


अन्य कारगर घरेलू उपाय

अनार की जड़ की छाल, पलास बीज और बायविडंग को मिलाकर काढ़ा बनाकर शहद के साथ पीने से पेट के कीड़े बाहर निकल जाते हैं।


अनार की जड़ का काढ़ा बनाकर मीठे तेल के साथ सेवन करने से आंतों के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।


अनार के सूखे छिलकों का चूर्ण एक चम्मच की मात्रा में दिन में तीन बार लेने से पेट के कीड़े नष्ट हो जाते हैं।


परहेज करने योग्य चीजें

बेसन, तिल, उड़द, आलू, दही, दूध, मांस, मछली, और अधिक मीठी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।


केला, सरसों का साग, नींबू का रस, अदरक की चटनी, और कड़वे चटपटे पदार्थों का सेवन करना चाहिए।