पूर्व विधायक विजय मिश्रा को हत्या के मामले में मिली सजा
प्रयागराज में विजय मिश्रा की मुश्किलें बढ़ीं
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक विजय मिश्रा की समस्याएं और बढ़ गई हैं। प्रयागराज की विशेष MPMLA अदालत ने आज उन्हें एक पुराने हत्या के मामले में दोषी ठहराया है। यह मामला 1980 में प्रयागराज कचहरी परिसर में हुई एक चर्चित हत्या से संबंधित है, जिसने उस समय पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया था।
लंबी कानूनी लड़ाई के बाद मिला न्याय
कई साल बाद मिला इंसाफ
करीब चार दशकों पुराने इस मामले में लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आज अदालत ने अपना निर्णय सुनाया। अदालत ने विजय मिश्रा के साथ-साथ इस मामले में तीन अन्य आरोपियों को भी हत्या का दोषी पाया है। अभियोजन पक्ष ने अदालत में ठोस गवाह और सबूत पेश किए, जिसके आधार पर यह ऐतिहासिक फैसला आया।
कचहरी में हुई थी हत्या
कचहरी में हुई थी हत्या
यह मामला 1980 का है, जब प्रयागराज कचहरी परिसर में दिनदहाड़े हत्या की घटना को अंजाम दिया गया था। विजय मिश्रा इस मामले के मुख्य आरोपियों में से एक थे। उनकी बाहुबली छवि और राजनीतिक प्रभाव के कारण यह मामला लंबे समय तक चर्चा में रहा।
सजा का ऐलान जल्द
सजा का ऐलान थोड़ी देर में
कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद अब सभी की नजरें सजा की अवधि पर हैं। विशेष अदालत कुछ ही समय में विजय मिश्रा और अन्य तीन दोषियों के लिए सजा का ऐलान करेगी। कानून के विशेषज्ञों का मानना है कि हत्या जैसे गंभीर मामले में दोषी पाए जाने पर विजय मिश्रा को उम्रकैद या उससे भी कड़ी सजा मिल सकती है।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
इस फैसले के बाद कोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है।