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पुराने नोटों का नया उपयोग: फर्नीचर बनाने में मददगार

क्या आप जानते हैं कि बैंक में जमा कटे-फटे नोटों का क्या होता है? RBI अब इन नोटों को जलाने या फेंकने के बजाय फर्नीचर बनाने में उपयोग करेगा। हर साल 15,000 टन से अधिक पुराने नोटों का निपटारा करने के लिए RBI ने एक नई योजना शुरू की है, जिसमें इन नोटों को बारीक कतरनों में बदलकर पार्टिकल बोर्ड बनाने वाली कंपनियों को दिया जाएगा। यह न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद है, बल्कि बैंक को भी अतिरिक्त कमाई का मौका देता है। जानें इस प्रक्रिया के बारे में और अधिक जानकारी।
 

बैंक में कटे-फटे नोटों का क्या होता है?

क्या आपने कभी सोचा है कि बैंक में जमा किए गए कटे-फटे नोटों का आखिर क्या होता है? आधे से ज़्यादा भारत को इसका सही जवाब नहीं पता है! RBI (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) इन पुराने नोटों को जलाता या फेंकता नहीं है, बल्कि उन्हें एक खास चीज़ में बदल देता है। जानिए, आपके बेकार हो चुके नोटों का इस्तेमाल किस चौंकाने वाले काम के लिए किया जाता है!


RBI अब पुराने नोटों का करेगा बेहतर निपटान

आपको जानकर हैरानी होगी कि RBI के पास हर साल 15,000 टन से भी ज़्यादा पुराने और खराब नोट जमा होते हैं। पहले बैंक इन नोटों को नष्ट करने के लिए उन्हें जलाता था या फिर मिट्टी में दबाता था। लेकिन ऐसा करना महंगा होने के साथ-साथ हानिकारक भी होता था। इस समस्या को देखते हुए अब RBI पुराने नोटों का निपटारा करने के लिए एक बेहतर और पर्यावरण-अनुकूल तरीका अपनाया है।


पुराने नोटों से बनेंगे पार्टिकल बोर्ड

पुराने और खराब नोटों का फिर से उपयोग करने के लिए एक नई योजना शुरू की गई है। अब इन नोटों को बारीक कतरनों में बदलकर पार्टिकल बोर्ड बनाने वाली कंपनियों को दिया जाएगा। इस पहल से कंपनियों को सस्ता और टिकाऊ कच्चा माल मिलेगा, जिससे फर्नीचर आदि बनाए जाते हैं। ऐसा करने से RBI को इन नोटों का निपटारा करने में खर्च कम आता है, साथ ही बैंक की इससे अतिरिक्त कमाई हो जाती है।


पुराने नोटों से बनेगा फर्नीचर

नोटों को जलाने या ज़मीन में दबाने से प्रदूषण होता है और हमारे पर्यावरण को नुकसान पहुँचता है। इस समस्या को देखते हुए RBI ने पर्यावरण मंत्रालय के अधीन आने वाले वुड साइंस एंड टेक्नोलॉजी संस्थान से एक अध्ययन करवाया। इस अध्ययन में यह निष्कर्ष निकला कि बेकार हो चुके इन नोटों की कतरन का इस्तेमाल आसानी से फर्नीचर बनाने में किया जा सकता है, जिससे पर्यावरण पर पड़ने वाला नकारात्मक असर कम होगा।


कटे-फटे नोटों का नया जीवन