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पुतिन का नया साल संदेश: यूक्रेन युद्ध में जीत का विश्वास

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नए साल की पूर्व संध्या पर यूक्रेन युद्ध को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने देशवासियों से रूसी सैनिकों का समर्थन करने की अपील की और युद्ध को एक राष्ट्रीय संघर्ष बताया। पुतिन ने अपने संबोधन में रूस की 'अंतिम जीत' का विश्वास जताया और कहा कि पूरा देश इस लड़ाई में सैनिकों के साथ खड़ा है। जानें उनके संबोधन की प्रमुख बातें और रूस में नए साल पर राष्ट्रपति के संदेश की परंपरा के बारे में।
 

पुतिन का संबोधन और यूक्रेन युद्ध


नए साल की पूर्व संध्या पर, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध पर एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने 2026 के आगमन पर देशवासियों को संबोधित करते हुए यूक्रेन में रूस की 'अंतिम जीत' का विश्वास व्यक्त किया और नागरिकों से रूसी सैनिकों का समर्थन करने की अपील की।

कामचटका में प्रसारित पहला संबोधन
पुतिन का यह टेलीविजन संबोधन सबसे पहले रूस के पूर्वी क्षेत्र कामचटका प्रायद्वीप में प्रसारित हुआ, जहां नए साल का जश्न सबसे पहले मनाया गया। इसके बाद, यह संदेश देश के अन्य हिस्सों में भी दिखाया गया।

सैनिकों और कमांडरों के लिए संदेश
नए साल की शुभकामनाएं देते हुए, पुतिन ने सीधे युद्ध में तैनात सैनिकों और कमांडरों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, 'हमें आप पर और हमारी जीत पर भरोसा है।' उन्होंने यह भी कहा कि रूस के लाखों लोग मोर्चे पर लड़ रहे सैनिकों के बारे में सोचते हैं।

युद्ध को राष्ट्रीय प्रयास बताया
पुतिन ने यूक्रेन युद्ध को एक साझा राष्ट्रीय संघर्ष के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि पूरा देश इस लड़ाई में सैनिकों के साथ खड़ा है, और यह युद्ध रूस की संप्रभुता और भविष्य से जुड़ा हुआ है। इस संघर्ष में दोनों पक्षों को भारी सैन्य नुकसान उठाना पड़ा है, और अनुमान है कि सैनिकों की मौत का आंकड़ा दोनों ओर से लाखों तक पहुंच सकता है।

क्रेमलिन के सामने खड़े होकर दिया संदेश
काले सूट और गहरे नीले रंग की टाई पहने पुतिन क्रेमलिन के सामने खड़े नजर आए। उन्होंने एकता और देशभक्ति पर जोर देते हुए कहा, 'हमारी एकता की ताकत ही मातृभूमि की संप्रभुता, सुरक्षा, विकास और भविष्य तय करती है।'

सोवियत युग की परंपरा
रूस में नए साल पर राष्ट्रपति का टेलीविजन संबोधन एक पुरानी परंपरा है, जिसकी शुरुआत सोवियत युग में हुई थी। यह भाषण हर साल नए साल से ठीक पहले देशभर में प्रसारित किया जाता है और इसे विशेष महत्व दिया जाता है।