×

पुणे में नाबालिगों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कार्रवाई

पुणे में एक छह वर्षीय लड़की पर हुए यौन हमले के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। इस घटना ने नाबालिगों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कानून की पूरी कठोरता से निपटा जाएगा। इस घटना के बाद, पुणे में एक अन्य भयानक अपराध ने भी चिंता बढ़ा दी है, जिसमें एक तीन वर्षीय लड़की की हत्या की गई।
 

पुणे में नाबालिग लड़की पर हमला: आरोपी की गिरफ्तारी

प्रतिनिधित्वात्मक छवि




Pune, 8 मई: पुणे के लोनिकालभोर पुलिस थाने ने एक छह वर्षीय लड़की पर हुए हमले के मामले में 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की है, जो नाबालिगों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल है।


यह चिंताजनक घटना पुणे के हवेली तालुका के थेउर क्षेत्र में हुई। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी, 46 वर्षीय श्रीधर लिम्बाजी कांबले ने पीड़िता को उसके पड़ोस में खेलते समय खाने का लालच देकर फंसाया। कांबले ने बच्चे की मासूमियत का फायदा उठाते हुए कथित तौर पर यौन हमला किया। जब बच्चे की मां को इस घिनौने कृत्य का पता चला, तो उन्होंने तुरंत लोनिकालभोर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।


पुलिस ने अपराध की गंभीरता और पीड़िता की छोटी उम्र को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की। अधिकारियों ने कांबले का पता लगाया और उसे बिना किसी देरी के गिरफ्तार कर लिया।


भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 74 के तहत मामला दर्ज किया गया, साथ ही 2012 के यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम की धाराएँ 8 और 12 भी शामिल की गईं। जांच टीम ने सबूतों को तेजी से इकट्ठा किया और एक दिन के भीतर अदालत में चार्जशीट दाखिल की, ताकि आरोपी को कानून की पूरी कठोरता का सामना करना पड़े।


यह त्वरित कार्रवाई पुणे जिले में एक अन्य भयानक अपराध के बाद आई है, जिसमें एक 65 वर्षीय व्यक्ति, भीमराव कांबले पर तीन वर्षीय लड़की के यौन उत्पीड़न और हत्या का आरोप है।


ससून जनरल अस्पताल से प्राप्त प्रारंभिक शव परीक्षण रिपोर्ट में अत्यधिक क्रूरता का स्तर सामने आया है।


रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी भीमराव कांबले ने हमले के दौरान लड़की के मुंह में कपड़े का मोजा ठूंस दिया। चिकित्सा निष्कर्षों से पता चलता है कि पीड़िता की मृत्यु दम घुटने और गंभीर शारीरिक यातना के कारण हुई।