पीलीभीत में चपरासी का करोड़ों का घोटाला: तीन पत्नियों और रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर
पीलीभीत में करोड़ों का घोटाला
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक चपरासी ने अपनी तीन पत्नियों के साथ मिलकर करोड़ों रुपये का घोटाला किया है। उसने अपनी पत्नियों, साली, साल, रिश्तेदारों और महिला मित्रों के खातों में सरकारी धन का ट्रांसफर किया। जब यह मामला उजागर हुआ, तो पुलिस ने जांच शुरू की और अब तक 7 महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें आरोपी की दो पत्नियां, साली, सास, सलहज और दो महिला मित्र शामिल हैं.
आरोपी चपरासी, जिसका नाम इल्हाम शम्सी उर्फ रहमान है, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में कार्यरत था। उसने लगभग 8 करोड़ 15 लाख रुपये की सरकारी राशि का गबन किया, जिसमें से 5 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक की राशि को फ्रीज कर दिया गया है.
यह सवाल उठता है कि 2018 से चल रहे इस घोटाले की जानकारी विभागीय अधिकारियों और तत्कालीन DIOS को क्यों नहीं हुई। यह मामला 14 फरवरी को तब सामने आया जब DIOS राजीव कुमार ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद अर्शी खातून, जो कि इल्हाम की पत्नी है, को गिरफ्तार किया गया, जबकि इल्हाम शम्सी लंबे समय तक जमानत पर बाहर रहा.
जिले में नए एसपी सुकीर्ति माधव की तैनाती के बाद मामले की जांच तेज हुई। पुलिस ने बैंक खातों की जांच की और पाया कि फर्जी बेनिफिशियरी आईडी और ट्रेजरी टोकन जनरेशन के माध्यम से करोड़ों रुपये विभिन्न खातों में भेजे गए थे। अब तक 53 संदिग्ध खातों की पहचान की जा चुकी है, और यह भी पता चला है कि करोड़ों की राशि का उपयोग जमीन खरीदने में किया गया.
अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया ने कहा कि फरवरी में डीआईओएस की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि इल्हाम शम्सी ने सरकारी धन का गबन किया। गिरफ्तार की गई 7 महिलाओं के खातों में लगभग 8 करोड़ 15 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे. जांच जारी है और जो भी अधिकारी या अन्य व्यक्ति इस मामले में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
मुख्य आरोपी इल्हाम शम्सी ने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन उसकी पत्नियां, रिश्तेदार और महिला मित्र गिरफ्तार हो गईं। पहले अर्शी खातून को गिरफ्तार किया गया था, जो फिलहाल जमानत पर बाहर है। अब पुलिस ने उसकी दो अन्य पत्नियों लुबना और अजरा खान को भी गिरफ्तार किया है.
इसके साथ ही साली फातिमा, सलहज आफिया, सास नाहिद और दो महिला मित्र परवीन खातून और आशकारा परवीन को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, सरकारी धनराशि इन महिलाओं के खातों में भेजी जाती थी और फिर उसे निकालकर प्रॉपर्टी में निवेश किया जाता था.
इल्हाम शम्सी उर्फ रहमान कौन हैं?
आरोपी इल्हाम शम्सी बीसलपुर तहसील के जनता इंटर कॉलेज में चपरासी के पद पर कार्यरत था। धीरे-धीरे उसने DIOS ऑफिस में अपनी पहुंच बना ली। पिछले लगभग 7 वर्षों से वह डीआईओएस ऑफिस में था और उसने सिस्टम की खामियों का फायदा उठाकर फर्जी बेनिफिशियरी आईडी बनाकर शिक्षकों की वेतन मद से करोड़ों रुपये अपने करीबी लोगों के खातों में ट्रांसफर कर दिए.
14 फरवरी से 1 मई तक क्या हुआ?
बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजर ने वेतन खातों में गड़बड़ी की सूचना दी थी, जिसके बाद जिलाधिकारी ने इस मामले का संज्ञान लिया। इसके बाद DIOS राजीव कुमार ने कोतवाली में मामला दर्ज कराया। पहले गिरफ्तारी अर्शी खातून की हुई। जांच आगे बढ़ने पर 53 संदिग्ध खाते चिह्नित किए गए और 5.50 करोड़ रुपये फ्रीज कराए गए। अब इस पूरे मामले में 7 महिलाओं की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस 2018 से अब तक विभाग में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रही है.