पीएम मोदी की अपील का असर: कई राज्यों में पेट्रोलियम संरक्षण के उपाय
पेट्रोलियम उत्पादों के संरक्षण की दिशा में कदम
मध्य पूर्व एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से पेट्रोलियम उत्पादों के संरक्षण की अपील की है, जिसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, त्रिपुरा और दिल्ली जैसे कई राज्यों ने इस दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
मुख्यमंत्रियों के काफिलों में कमी
कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने काफिलों को छोटा करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, कई स्थानों पर वर्क फ्रॉम होम की नीति लागू की गई है। मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्री अब साइकिल, बाइक, रिक्शा या पैदल अपने कार्यालय जा रहे हैं। दिल्ली में 'मेरा भारत मेरा योगदान' अभियान की शुरुआत की गई है।
उत्तर प्रदेश में WFH की व्यवस्था
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने राज्य में 'वर्क फ्रॉम होम' को प्राथमिकता देने की अपील की है। इसके तहत, बड़े संस्थानों को हफ्ते में दो दिन WFH की अनुशंसा करने के लिए एडवाइजरी जारी की जाएगी।
दिल्ली में पेट्रोल-डीजल बचाने का अभियान
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पीएम की अपील के बाद 'मेरा भारत मेरा योगदान' अभियान शुरू किया है। इस दौरान सरकारी कर्मचारियों को हफ्ते में दो दिन घर से काम करने की सलाह दी गई है।
मध्य प्रदेश में सुरक्षा के लिए गाड़ियों की संख्या में कमी
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर राज्य पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या को कम करने का निर्देश दिया है।
गुजरात में राज्यपाल का सार्वजनिक परिवहन का उपयोग
गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने ईंधन बचाने के लिए ट्रेनों और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने का निर्णय लिया है। उन्होंने नागरिकों से भी इसी दिशा में कदम उठाने की अपील की है।
बिहार में मुख्यमंत्री का पैदल ऑफिस जाना
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पीएम मोदी की अपील का समर्थन करते हुए खुद पैदल ऑफिस जाने का निर्णय लिया है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी इस दिशा में कदम उठाने का आश्वासन दिया है।