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पीएम मोदी का सोने के आयात पर नियंत्रण का आह्वान

प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों से सोने की खरीदारी को टालने का आग्रह किया है, ताकि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके। हाल के वर्षों में भारत में सोने के आयात में भारी वृद्धि हुई है, जिससे व्यापार घाटा और चालू खाते का घाटा प्रभावित हुआ है। सरकार ने आयात पर नियंत्रण के उपाय किए हैं, विशेषकर स्विट्जरलैंड और यूएई से होने वाले आयात पर। जानें इस मुद्दे के पीछे के कारण और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
 

सोने की खरीद पर रोक लगाने की अपील

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को नागरिकों से आग्रह किया कि वे सोने की खरीदारी को टालें, ताकि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके। हाल के वर्षों में भारत में सोने के आयात में अत्यधिक वृद्धि देखी गई है। वित्त वर्ष 2025-26 में सोने का आयात 24 प्रतिशत बढ़कर 71.98 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो कि पिछले वर्ष 58 अरब डॉलर था। इससे पहले, यह 2022-23 में 45.54 अरब डॉलर, 2021-22 में 46.14 अरब डॉलर, 2020-21 में 34.62 अरब डॉलर और 2019-20 में 28.2 अरब डॉलर था। इस बढ़ते आयात ने देश के व्यापार घाटे और विदेशी मुद्रा पर दबाव डाला है.


व्यापार घाटा और चालू खाता घाटा

वित्त वर्ष 2025-26 में व्यापार घाटा बढ़कर 333.2 अरब डॉलर हो गया है। इसके साथ ही, चालू खाते का घाटा भी प्रभावित हुआ है। भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार, अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में चालू खाते का घाटा 13.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया। कुल आयात में सोने की हिस्सेदारी 9 प्रतिशत से अधिक है, और इस वर्ष भारत का कुल आयात 775 अरब डॉलर रहा।


सोने का प्रमुख आयात स्रोत

भारत के लिए सोने का सबसे बड़ा स्रोत स्विट्जरलैंड है, इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात और दक्षिण अफ्रीका का स्थान है। 2025-26 में स्विट्जरलैंड से आयात 11.36 प्रतिशत बढ़कर 24.27 अरब डॉलर हो गया।


आयात पर नियंत्रण के उपाय

सरकार ने सोने, चांदी और प्लेटिनम से संबंधित उत्पादों के आयात पर नियंत्रण लगाया है ताकि मुक्त व्यापार समझौतों का दुरुपयोग रोका जा सके। कुछ व्यापारी कम टैक्स वाले देशों का फायदा उठाकर थाईलैंड जैसे देशों से बिना जड़े आभूषण के नाम पर आयात बढ़ा रहे थे। 2022 में आयात शुल्क को 10.75 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया गया था, लेकिन 2024-25 के बजट में इसे घटाकर 6 प्रतिशत कर दिया गया।


विशेषज्ञों की राय

आर्थिक शोध संस्थान ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनीशिएटिव ने सरकार से मुक्त व्यापार समझौतों की समीक्षा करने की सिफारिश की है, विशेषकर भारत-यूएई व्यापार समझौते के तहत दी गई रियायतों को। इस समझौते के तहत यूएई से सोना सामान्य शुल्क से 1 प्रतिशत कम दर पर आयात किया जा सकता है।


यूएई से सोने का बढ़ता आयात

यूएई से सोने का आयात तेजी से बढ़ रहा है। 2022 में यह 2.9 अरब डॉलर, 2023 में 6.7 अरब डॉलर और 2025 में 16.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया। एफटीए से पहले भारत के सोने के आयात में दुबई की हिस्सेदारी 7.9 प्रतिशत थी, जो 2025 में बढ़कर 28 प्रतिशत हो जाएगी।