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पीएम मोदी का दा हेग में वैश्विक चुनौतियों पर बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड्स के दा हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए वैश्विक चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने युद्धों के कारण उत्पन्न ऊर्जा संकट और भारत की डिजिटल क्रांति पर जोर दिया। मोदी ने भारत को दुनिया का 'ग्रोथ इंजन' बताते हुए कहा कि यदि भारत सफल होता है, तो इसका लाभ पूरी मानवता को मिलेगा। इस संबोधन में उन्होंने भारत और नीदरलैंड्स के बीच मजबूत संबंधों की भी सराहना की।
 

प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड्स के दा हेग में भारतीय समुदाय और अंतरराष्ट्रीय मंच को संबोधित करते हुए वर्तमान में मौजूद गंभीर वैश्विक चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने पश्चिम एशिया और अन्य क्षेत्रों में चल रहे संघर्षों का उल्लेख करते हुए चेतावनी दी कि यदि युद्ध जल्द समाप्त नहीं होते हैं, तो वैश्विक स्थिति और भी खराब हो जाएगी।


ऊर्जा संकट पर चिंता

‘युद्ध से गहराया दुनिया में ऊर्जा संकट’
पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि यह दशक पूरी दुनिया के लिए आपदाओं का दशक बनता जा रहा है। उन्होंने कहा, "पहले कोरोना महामारी ने तबाही मचाई और अब युद्ध शुरू हो गए हैं। इन संघर्षों के कारण वैश्विक स्तर पर गंभीर ऊर्जा और आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।" उन्होंने ईंधन और संसाधनों के संरक्षण के प्रयासों पर जोर दिया, ताकि मानवता को राहत मिल सके।


भारत की डिजिटल क्रांति

‘भारत में UPI क्रांति: 20 बिलियन से ज्यादा ट्रांजैक्शन’
पीएम मोदी ने भारत की डिजिटल ताकत को उजागर करते हुए बताया कि आज देश में तकनीक आम लोगों के जीवन को बदल रही है। उन्होंने घोषणा की कि भारत में अब 20 बिलियन से अधिक UPI ट्रांजैक्शन हो चुके हैं, जो देश की मजबूत डिजिटल अर्थव्यवस्था का प्रमाण है।


भारत का वैश्विक योगदान

‘भारत सफल तो मानवता को फायदा’
पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत आज दुनिया का 'ग्रोथ इंजन' बनना चाहता है। उन्होंने भारत और नीदरलैंड्स के बीच मजबूत संबंधों की सराहना करते हुए कहा कि दोनों देश मिलकर वैश्विक कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "भारत की सोच हमेशा से लोककल्याण की रही है। यदि भारत सफल और समृद्ध होता है, तो इसका सीधा लाभ पूरी मानवता को मिलता है।"