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पाकिस्तानी अखबार डॉन की एआई गलती से हुई बदनामी

पाकिस्तानी अखबार डॉन ने हाल ही में एक लेख में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया, जिसके कारण उसे सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया। 12 नवंबर को प्रकाशित इस लेख में एआई द्वारा तैयार की गई सामग्री को बिना संपादकीय हस्तक्षेप के प्रकाशित किया गया, जिससे पाठकों में नाराजगी फैल गई। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और डॉन अखबार की प्रतिष्ठा पर इसका क्या असर पड़ा।
 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बढ़ता प्रभाव


आजकल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का प्रभाव हर जगह महसूस किया जा रहा है, खासकर कंटेंट निर्माण में। विभिन्न मीडिया चैनल्स इसका उपयोग कर रहे हैं, लेकिन यह आवश्यक है कि इसे सावधानी से लागू किया जाए। जब मीडिया जानकारी साझा करता है, तो यह महत्वपूर्ण है कि वह मानव समझ के साथ हो, न कि केवल मशीन द्वारा उत्पन्न ज्ञान के आधार पर।


डॉन अखबार की विवादास्पद गलती

पाकिस्तानी अखबार डॉन, जो अपने कंटेंट के लिए जाना जाता है, हाल ही में एक विवाद में फंस गया है। 12 नवंबर को प्रकाशित एक लेख में, अखबार ने एआई द्वारा तैयार की गई सामग्री को बिना किसी संपादकीय हस्तक्षेप के प्रकाशित कर दिया। इस लेख के अंत में एक प्रांप्ट था, जिसने पाठकों को चौंका दिया।


सोशल मीडिया पर एक उपयोगकर्ता ने इस लेख का स्क्रीनशॉट साझा किया, जिसमें देखा गया कि लेख के अंत में एआई का उल्लेख था। यह स्पष्ट था कि डॉन ने एआई का उपयोग करके लेख लिखा था, जिसमें किसी मानव पत्रकार का योगदान नहीं था।


चैटजीपीटी का विवादास्पद रिमार्क

इस लेख के अंत में चैटजीपीटी का एक रिमार्क था, जिसमें कहा गया था कि यदि आप चाहें, तो मैं आपके लिए पूरे फ्रंट पेज के स्टाइल में लेख बना सकता हूं। यह सुनकर पाठकों ने अखबार का मजाक उड़ाना शुरू कर दिया। डॉन अखबार पाकिस्तान का सबसे पुराना अखबार है, जिसकी स्थापना 1941 में दिल्ली में हुई थी। विभाजन के बाद, इसका प्रिंटिंग लाहौर से शुरू हुआ। इस प्रतिष्ठित अखबार की एक गलती ने इसे ट्रोलिंग का शिकार बना दिया है।