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पाकिस्तान ने चीन में पहला पांडा बॉन्ड जारी किया, जुटाए 25 करोड़ डॉलर

पाकिस्तान ने चीन में अपने पहले पांडा बॉंड के जरिए 25 करोड़ अमेरिकी डॉलर जुटाए हैं, जिससे वह चीनी पूंजी बाजार में प्रवेश कर चुका है। इस बॉंड पर 2.5 प्रतिशत ब्याज दर है और इसकी परिपक्वता तीन वर्ष है। वित्त मंत्री के सलाहकार ने बताया कि यह निर्गम पाकिस्तान-चीन वित्तीय सहयोग को मजबूत करता है और वैश्विक निवेशकों को संकेत देता है कि पाकिस्तान की आर्थिक सुधार प्रक्रिया को मान्यता मिल रही है। जानें इस महत्वपूर्ण वित्तीय कदम के बारे में और अधिक जानकारी।
 

पाकिस्तान का पांडा बॉन्ड जारी करना

पाकिस्तान ने चीन में अपने पहले पांडा बॉन्ड के माध्यम से 25 करोड़ अमेरिकी डॉलर की राशि जुटाई है, जिससे वह चीनी पूंजी बाजार में कदम रख चुका है। पांडा बॉन्ड एक ऐसा वित्तीय उपकरण है, जिसे विदेशी संस्थाओं जैसे कि संप्रभु सरकारें, अंतरराष्ट्रीय संगठन या बहुराष्ट्रीय कंपनियां चीनी रेनमिन्बी में जारी करती हैं। यह सीधे चीन के घरेलू पूंजी बाजार में बेचा जाता है.


बॉन्ड की ब्याज दर और परिपक्वता

वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब के सलाहकार खुर्रम शहजाद ने बताया कि इस बॉन्ड पर 2.5 प्रतिशत की ब्याज दर निर्धारित की गई है और इसकी परिपक्वता तीन वर्ष है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि यह प्रारंभिक पांडा बॉंड तीन वर्ष की स्थिर ब्याज दर वाला है, जो पाकिस्तान का चीन के विदेशी पूंजी बाजार में पहला आरएमबी मूल्यांकित संप्रभु निर्गम बनाता है.


पाकिस्तान की अन्य वित्तीय गतिविधियाँ

समाचार चैनल 'जियो न्यूज' के अनुसार, पाकिस्तान ने पिछले महीने 75 करोड़ अमेरिकी डॉलर जुटाने के लिए यूरोबॉंड भी जारी किया था। इसके अलावा, पाकिस्तान ने सऊदी अरब से तीन अरब अमेरिकी डॉलर जमा के रूप में प्राप्त किए और संयुक्त अरब अमीरात को 3.4 अरब अमेरिकी डॉलर लौटाए हैं.


आर्थिक सुधारों का संकेत

पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से दो मौजूदा ऋण सुविधाओं के तहत 1.3 अरब अमेरिकी डॉलर भी प्राप्त हुए हैं। खुर्रम शहजाद ने कहा कि यह निर्गम केवल वित्तीय लेनदेन नहीं है, बल्कि यह चीन के पूंजी बाजार में पाकिस्तान के प्रवेश का प्रतीक है और पाकिस्तान-चीन वित्तीय सहयोग को मजबूत करता है. उन्होंने यह भी कहा कि पांडा बॉंड की सफलता वैश्विक निवेशकों को यह संकेत देती है कि पाकिस्तान की आर्थिक सुधार प्रक्रिया को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल रही है.