पाकिस्तान ने अमेरिका के राजदूत के जम्मू-कश्मीर पर बयान पर जताई कड़ी आपत्ति
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर के जम्मू-कश्मीर पर दिए गए बयान पर पाकिस्तान ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इस संदर्भ में, इस्लामाबाद ने अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स नताली बेकर को विदेश मंत्रालय में बुलाकर गोर की टिप्पणी के खिलाफ औपचारिक विरोध दर्ज कराया। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस मामले में 'स्ट्रॉन्ग डिमार्श' जारी करने की जानकारी दी।
सर्जियो गोर का श्रीनगर दौरा
19 अगस्त को सर्जियो गोर ने अपने पहले श्रीनगर दौरे के दौरान जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने जम्मू-कश्मीर को भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया और क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना की। गोर ने कहा कि वह यहां आकर बहुत उत्साहित हैं।
गोर का यह बयान पाकिस्तान के लिए संवेदनशील रहा है, क्योंकि इस्लामाबाद का जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर भारत से अलग दृष्टिकोण है।
पाकिस्तान का आधिकारिक बयान
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने गोर की टिप्पणी को 'तथ्यात्मक रूप से गलत' और 'गैर-जिम्मेदाराना' करार दिया। उन्होंने कहा कि वे जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा मानने वाले इस बयान को स्वीकार नहीं करते।
इस्लामाबाद ने अमेरिकी राजनयिक के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर के अंतिम दर्जे को लेकर उनका रुख संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और वहां के लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हुआ है।
अमेरिका की ट्रैवल एडवाइजरी पर चर्चा
सर्जियो गोर ने अपने श्रीनगर दौरे के दौरान जम्मू-कश्मीर के लिए अमेरिका की मौजूदा ट्रैवल एडवाइजरी की समीक्षा करने की बात भी कही। उन्होंने बताया कि अमेरिका समय-समय पर अपनी यात्रा संबंधी चेतावनियों का पुनर्मूल्यांकन करता है और सुरक्षा स्थिति को देखते हुए इसे बदलने पर विचार किया जा सकता है।
अमेरिका की वर्तमान एडवाइजरी में जम्मू-कश्मीर के लिए कड़े यात्रा प्रतिबंध हैं, लेकिन गोर ने संकेत दिया कि हालात में सुधार होने पर इस सलाह की समीक्षा की जा सकती है।
उमर अब्दुल्ला से मुलाकात
श्रीनगर में गोर ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ बैठक की। इस बैठक में पर्यटन, बागवानी और नई अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में जम्मू-कश्मीर और अमेरिका के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। उमर अब्दुल्ला ने बैठक को सकारात्मक बताया।
इस घटनाक्रम के बाद, सर्जियो गोर की टिप्पणी अब भारत-पाकिस्तान-अमेरिका के बीच कूटनीतिक चर्चा का विषय बन गई है।