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पाकिस्तान के सेना प्रमुख का ईरान दौरा: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच महत्वपूर्ण कदम

पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान का दौरा किया। यह दौरा उनके ईरान के सैन्य नेतृत्व के साथ गहरे संबंधों को दर्शाता है। रिपोर्टों के अनुसार, मुनीर ने ईरान के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की और शांति समझौते को मजबूत करने का प्रयास किया। विशेषज्ञों का मानना है कि उनके आईआरजीसी के साथ संबंध अमेरिका के लिए एक चेतावनी का संकेत हैं। जानें इस दौरे के पीछे की रणनीति और इसके संभावित प्रभाव।
 

पाकिस्तान के सेना प्रमुख का ऐतिहासिक दौरा

पाकिस्तान के सेना प्रमुख, फील्ड मार्शल आसिम मुनीर, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान का दौरा करने वाले पहले विदेशी नेता बने हैं। मुनीर की अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ करीबी संबंधों के बारे में सभी जानते हैं, लेकिन उनके ईरान के सैन्य नेतृत्व के साथ भी गहरे रिश्ते हैं। फॉक्स न्यूज़ डिजिटल की रिपोर्ट के अनुसार, मुनीर ने 2016 और 2017 में पाकिस्तान के मिलिट्री इंटेलिजेंस के डायरेक्टर जनरल के रूप में कार्य करते हुए ईरान के साथ संबंध स्थापित करना शुरू किया था। वह ईरान के सैन्य नेतृत्व के साथ बातचीत कर रहे हैं। रिटायर्ड पाकिस्तानी जनरल अहमद सईद ने बताया कि मुनीर आईआरजीसी के साथ संवाद कर रहे हैं।


सईद ने कहा कि मुनीर के ईरान की नियमित सेना और खुफिया एजेंसी के साथ भी संबंध हैं। उनके अनुसार, मुनीर की कुद्स फोर्स के पूर्व कमांडर कासिम सुलेमानी, जो 2020 में एक अमेरिकी हमले में मारे गए थे, और कमांडर हुसैन सलामी, जो 2025 में एक इजरायली हमले में मारे गए थे, के साथ भी उनके संबंध हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, मुनीर एक ऐसी शख्सियत बने हुए हैं जिनके ईरान के खुफिया समुदाय, सैन्य व्यवस्था, राजनयिक समुदाय और राजनीतिक नेतृत्व के साथ व्यक्तिगत संपर्क हैं। फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज़ के सीनियर फेलो बिल रोगियो ने कहा कि ट्रंप को पाकिस्तानियों पर भरोसा नहीं करना चाहिए और मुनीर के आईआरजीसी से संबंध अमेरिका के लिए एक चेतावनी का संकेत हैं।


रोगियो ने कहा कि ट्रंप को पाकिस्तानियों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में पाकिस्तान एक धोखेबाज़ सहयोगी था, जो तालिबान का समर्थन करते हुए दोस्त होने का दिखावा कर रहा था। मुनीर के आईआरजीसी से संबंधों को ट्रंप प्रशासन के लिए एक बड़ा खतरा माना जाना चाहिए। पाकिस्तानी विश्लेषक रज़ा रूमी ने कहा कि मुनीर जैसे लोगों का उभार यह दर्शाता है कि पाकिस्तान में सेना नागरिक नेतृत्व पर लगातार हावी होती जा रही है। मुनीर ने शनिवार को ईरान का तीन-दिवसीय दौरा पूरा किया, जिसका उद्देश्य शांति समझौते को मजबूत करना था। पाकिस्तानी सेना के एक बयान के अनुसार, उन्होंने तेहरान में ईरान के शीर्ष नेतृत्व और शांति वार्ताकारों से मुलाकात की।