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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में तनाव और प्रदर्शन की स्थिति

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं, जहां हालिया गोलीबारी में कई नागरिकों की मौत हो गई है। प्रदर्शनकारियों ने उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग की है, जबकि सरकार ने इंटरनेट सेवा बंद कर दी है। रावलाकोट में हो रहे प्रदर्शनों के पीछे कई कारण हैं, जिसमें स्थानीय मुद्दों और राजनीतिक असंतोष शामिल हैं। जानें इस क्षेत्र में हो रही घटनाओं के बारे में अधिक जानकारी।
 

जम्मू-कश्मीर में हालात


पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है। रावलाकोट में सोमवार को हुई गोलीबारी में 110 से अधिक नागरिकों की मौत होने की सूचना है। लगभग 300 लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिससे मृतकों की संख्या में वृद्धि की संभावना है। आज जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी ने प्रदर्शन करने की अपील की थी। कोटली में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के दौरान 11 नागरिकों की मौत की खबरें आई हैं।


प्रदर्शन का कारण

इस बीच, जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) के समर्थक रावलाकोट की मस्जिदों से ऐलान कर रहे हैं कि 'कश्मीर' पर विदेशी ताकतों का हमला हुआ है और लोगों से बड़ी संख्या में बाहर निकलकर विरोध करने की अपील की जा रही है। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, रावलाकोट में सोमवार को हुई हिंसा में तीन पुलिसकर्मियों को पंजाब रेंजर्स ने गोली मारी, जिनमें एक सब-इंस्पेक्टर भी शामिल है। यह दावा किया गया है कि ये पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग रोकने का प्रयास कर रहे थे।


PoK में प्रदर्शन का उद्देश्य

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में जुलाई में चुनाव होने वाले हैं। इससे पहले, क्षेत्र में उचित प्रतिनिधित्व की मांग की जा रही है। यह क्षेत्र लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए संघर्ष कर रहा है। जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी इस बार अपनी मांगें प्रस्तुत कर रही है।


इस संगठन की प्रमुख मांगों में उन 12 आरक्षित सीटों को समाप्त करना शामिल है, जो जम्मू-कश्मीर से विस्थापित लोगों के लिए विधानसभा में निर्धारित हैं।


संगठन का कहना है कि इन सीटों के कारण गैर-स्थानीय लोग पीओके की राजनीति को प्रभावित करते हैं और पाकिस्तान की बड़ी राजनीतिक पार्टियां क्षेत्र की सरकारों को नियंत्रित करने में सफल हो जाती हैं।


अन्य मांगें

इसके अलावा, संगठन सस्ती बिजली, आर्थिक सुधारों और मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं की भी मांग कर रहा है, जो लंबे समय से इस इलाके का मुद्दा बने हुए हैं। पाकिस्तान की सरकार इस खनिज समृद्ध क्षेत्र को नजरअंदाज कर रही है।


इंटरनेट बंद, स्थिति गंभीर

9 जून को जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी ने लंबे मार्च का आह्वान किया था। इसी कारण पूरे क्षेत्र में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है, ताकि लोग एकत्रित न हो सकें। इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए रेंजर्स की भारी तैनाती की गई है। उन्होंने एक प्रदर्शनकारी के अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस से भिड़ंत होने पर पहले आम जनता पर फायरिंग की और आज भी प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी और लाठीचार्ज की घटनाएं सामने आई हैं।