पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच नया रक्षा समझौता: क्या है इसके मायने?
पाकिस्तान और सऊदी अरब ने 17 सितंबर 2025 को एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जो दोनों देशों के बीच सामरिक सहयोग को दर्शाता है। इस समझौते के अनुसार, यदि एक देश पर हमला होता है, तो दूसरा देश इसे अपने खिलाफ हमला मान लेगा। इस लेख में हम इस समझौते के पीछे की रणनीति, ईरान की भूमिका, और पाकिस्तान की स्थिति पर चर्चा करेंगे। क्या यह समझौता मध्य पूर्व में सुरक्षा की नई परिभाषा स्थापित करेगा? जानिए इस लेख में।
Mar 17, 2026, 19:56 IST
पाकिस्तान-सऊदी अरब रक्षा समझौता
17 सितंबर 2025 को, ऑपरेशन सिंदूर के 132 दिन बाद, पाकिस्तान और सऊदी अरब ने एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के अनुसार, यदि एक देश पर हमला होता है, तो दूसरा देश इसे अपने खिलाफ हमला मान लेगा। इस दिन यह स्पष्ट हो गया कि इस खेल में ईरान का भी एक अनकहा नाम शामिल है। इस समझौते ने रावलपिंडी-इस्लामाबाद की सत्ता को मध्य पूर्व की जटिलताओं में उलझा दिया, जिसके परिणामस्वरूप 400 अफगानों की जान गई। सऊदी अरब ने स्पष्ट किया है कि वह पाकिस्तान की किसी भी लड़ाई में सीधे शामिल नहीं होगा, बल्कि उसकी असली रुचि पाकिस्तान की सेना और उसके परमाणु सुरक्षा कवच में है।
तालिबान के बहाने पाकिस्तान की स्थिति
तालिबान के बहाने पाकिस्तान ने झाड़ा पल्ला
पाकिस्तान ने अपने परमाणु हथियारों की सुरक्षा का आश्वासन एक ऐसे देश को दिया है, जहाँ इस्लाम के दो सबसे पवित्र स्थल स्थित हैं। इस सुरक्षा गारंटी ने पाकिस्तान को मध्य पूर्व के परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाया। सऊदी अरब, जो ईरान का कट्टर प्रतिद्वंद्वी है, ने पाकिस्तान से अपेक्षा की थी कि वह अफगानिस्तान में अपनी स्थिति को मजबूत करे। इतालवी पत्रकार फ्रांसेस्का मारिनो के अनुसार, पाकिस्तानी सेना अफगानिस्तान में व्यस्त है, जिससे सऊदी अरब को संसाधन भेजने में कठिनाई हो रही है।
पाकिस्तान की गोल-मोल जवाब देने की रणनीति
पाकिस्तान हमेशा गोल-मोल जवाब देकर बचता रहा है
ईरान ने सऊदी अरब के महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले किए हैं, जिसके बाद सऊदी रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान के रक्षा बलों के प्रमुख से मुलाकात की। इस बैठक में पाकिस्तान ने सऊदी अरब को समर्थन देने का आश्वासन दिया। पाकिस्तान के राजदूत ने कहा कि जब भी सऊदी अरब की संप्रभुता खतरे में होगी, पाकिस्तान हमेशा उसकी सहायता के लिए आगे आएगा।
सऊदी-पाकिस्तान रक्षा समझौता
सऊदी-पाकिस्तान पर NATO की तरह समझौता
पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुआ यह रक्षा समझौता नाटो के सदस्यों के बीच के समझौते के समान है। दोनों देशों ने कहा है कि यह समझौता किसी तीसरे देश को ध्यान में रखकर नहीं किया गया है।