पश्चिम बंगाल: सांस्कृतिक धरोहर और राजनीतिक परिदृश्य
पश्चिम बंगाल का परिचय
पश्चिम बंगाल भारत के पूर्वी क्षेत्र में स्थित एक महत्वपूर्ण राज्य है। इसका नाम केवल भौगोलिक दिशा को नहीं दर्शाता, बल्कि यह देश के ऐतिहासिक घटनाक्रम का भी प्रतीक है। 1947 में जब भारत स्वतंत्र हुआ, तब बंगाल का विभाजन हुआ। मुस्लिम जनसंख्या वाले क्षेत्र को पूर्वी बंगाल कहा गया, जो पाकिस्तान में चला गया, जबकि हिंदू बहुल हिस्सा भारत में शामिल हुआ, जिसे पश्चिम बंगाल नाम दिया गया।
राज्य की विशेषताएँ
यह राज्य भारत का चौथा सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है। इसकी राजधानी कोलकाता को अक्सर 'भारत की सांस्कृतिक राजधानी' कहा जाता है, जो साहित्य, कला और राजनीति में अपनी समृद्ध विरासत के लिए प्रसिद्ध है। पश्चिम बंगाल का भौगोलिक और सांस्कृतिक परिदृश्य विविध है, जिसमें उत्तर में हिमालय और दक्षिण में बंगाल की खाड़ी शामिल हैं।
भाषा और धर्म
पश्चिम बंगाल में लगभग तीन-चौथाई जनसंख्या हिंदू धर्म का पालन करती है, जबकि शेष मुस्लिम समुदाय है। राज्य में बौद्ध, ईसाई, जैन और सिख जैसे छोटे अल्पसंख्यक भी निवास करते हैं। मुख्य भाषा बंगाली है, जो अधिकांश लोगों द्वारा बोली जाती है, इसके अलावा हिंदी, सांतली, उर्दू और नेपाली भी बोली जाती हैं।
राजनीतिक परिदृश्य
पश्चिम बंगाल की राजनीति में प्रमुख दलों में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) शामिल हैं। पिछले कई दशकों से राज्य में राजनीतिक हिंसा की घटनाएँ होती रही हैं। 2011 के विधानसभा चुनाव में वाममोर्चा को सत्ता से बाहर करने के बाद से तृणमूल कांग्रेस का शासन है।
चुनाव और जनसंख्या
पश्चिम बंगाल में कुल 42 लोकसभा और 295 विधानसभा सीटें हैं। हर पांच साल में विधानसभा चुनाव होते हैं। वर्तमान में तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी मुख्यमंत्री हैं। राज्य की अनुमानित जनसंख्या 9,12,76,115 है, जिसमें पुरुष 3,61,37,975 और महिलाएँ 3,60,09,055 हैं। राज्य की साक्षरता दर लगभग 80.09% है।