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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: दूसरे चरण के प्रचार में राजनीतिक दलों की जोरदार तैयारी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के प्रचार में राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। भाजपा के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने आक्रामक प्रचार किया, जबकि तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी ने जमीनी स्तर पर संपर्क को प्राथमिकता दी। चुनाव प्रचार में तीखी बयानबाजी और राजनीतिक हिंसा की घटनाएं भी सामने आई हैं। निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। भवानीपुर सीट को लेकर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच मुकाबला रोमांचक बन गया है। 29 अप्रैल को मतदान होगा और परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
 

चुनाव प्रचार का अंतिम दौर

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के प्रचार का शोर थमने से पहले विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपने अभियान को जोरदार तरीके से आगे बढ़ाया। चुनाव प्रचार समाप्त होने से पहले भारतीय जनता पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, वामपंथी दलों और कांग्रेस के नेताओं ने जनसभाओं, रोड शो और जमीनी संपर्क के माध्यम से मतदाताओं को आकर्षित करने का प्रयास किया। दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को 142 सीटों पर होना है।


भाजपा का आक्रामक प्रचार

भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने एक आक्रामक प्रचार अभियान चलाया। प्रधानमंत्री ने हुगली के आरामबाग और उत्तर 24 परगना के बांगांव में जनसभाओं को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार और कुप्रशासन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं की स्थिति में गिरावट आई है, और संदेशखाली जैसी घटनाएं इसका उदाहरण हैं। किसानों के मुद्दे को भी उन्होंने प्रमुखता से उठाया, यह बताते हुए कि केंद्र सरकार ने जूट के न्यूनतम समर्थन मूल्य को दोगुना किया है।


मोदी का रोड शो और मतुआ समुदाय से संपर्क

प्रधानमंत्री मोदी ने कोलकाता में एक रोड शो भी किया, जिसमें बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए। इसके अलावा, उन्होंने ठाकुरनगर स्थित मतुआ समुदाय के प्रमुख मंदिरों में पूजा अर्चना कर इस समुदाय से जुड़ने का प्रयास किया। मतुआ समुदाय को राज्य की कई सीटों पर प्रभावशाली माना जाता है, इसलिए इसे साधना भाजपा की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।


अमित शाह के लोकलुभावन वादे

अमित शाह ने रैलियों और रोड शो के दौरान कई लोकलुभावन वादे किए। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा सत्ता में आती है, तो महिलाओं और बेरोजगार युवाओं को प्रति माह तीन हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं को 21 हजार रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने सिंडिकेट राज और गुंडा राज समाप्त करने का वादा किया।


तृणमूल कांग्रेस का जमीनी संपर्क

तृणमूल कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जमीनी स्तर पर संपर्क को प्राथमिकता दी। उन्होंने कोलकाता के बाजारों में जाकर सब्जी विक्रेताओं और आम लोगों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने महंगाई और रोजमर्रा की समस्याओं को चुनावी मुद्दा बनाया।


चुनाव प्रचार में तीखी बयानबाजी

चुनाव प्रचार के दौरान दोनों प्रमुख दलों के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली। ममता बनर्जी ने भाजपा के प्रचार अभियानों को बनावटी बताया, जबकि भाजपा ने तृणमूल सरकार को जंगल राज करार दिया। कुछ क्षेत्रों में राजनीतिक हिंसा और झड़पों की घटनाएं भी सामने आईं।


सुरक्षा व्यवस्था

निर्वाचन आयोग ने दूसरे चरण के मतदान से पहले कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। संवेदनशील इलाकों में केंद्रीय बलों की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी और गश्त की व्यवस्था की गई है।


महत्वपूर्ण क्षेत्र

दूसरे चरण के मतदान में महत्वपूर्ण क्षेत्रों की बात करें तो उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिले इस चुनावी जंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भाजपा सत्तारुढ़ पार्टी के दक्षिणी गढ़ में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है।


भवानीपुर की महत्ता

भवानीपुर अब महज एक साधारण विधानसभा सीट नहीं रह गई है, बल्कि यह ममता बनर्जी का गढ़ है। भाजपा ने इस सीट पर शुभेंदु अधिकारी को मैदान में उतारकर मुकाबला रोमांचक बना दिया है।


भवानीपुर का सामाजिक विविधता

भवानीपुर को अक्सर ‘मिनी इंडिया’ कहा जाता है, जहां विभिन्न समुदायों के लोग रहते हैं। भाजपा ने महीनों से भवानीपुर में बूथ-दर-बूथ का आंकड़ा तैयार किया है।


चुनाव परिणाम

पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को हो चुका है और अब सभी की नजर दूसरे चरण पर है। मतगणना 4 मई को होगी।