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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच निर्णायक मुकाबला

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में मतदान बुधवार को होगा, जो तय करेगा कि तृणमूल कांग्रेस अपने गढ़ को बनाए रख पाएगी या भाजपा अपनी स्थिति मजबूत कर सकेगी। 142 सीटों पर मतदान के साथ, यह चुनावी मुकाबला राज्य की राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकता है। पहले चरण में तृणमूल ने शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन मतदाता सूची में बदलाव ने चुनाव को और भी संवेदनशील बना दिया है। जानें इस महत्वपूर्ण चुनाव के बारे में और क्या हो सकता है आगे।
 

पश्चिम बंगाल में मतदान की तैयारी

बुधवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में मतदान होगा, जो यह निर्धारित करेगा कि क्या तृणमूल कांग्रेस अपने गढ़ को बनाए रख पाएगी या भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपनी स्थिति मजबूत कर राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ तक पहुंचने में सफल होगी।


इस चरण में 142 विधानसभा सीटों के लिए वोटिंग होगी। पहले चरण में 23 अप्रैल को उत्तर बंगाल और आस-पास के क्षेत्रों में भाजपा की पारंपरिक स्थिति की परीक्षा हुई थी। अब, दूसरे चरण में तृणमूल कांग्रेस के गढ़ जैसे कोलकाता, हावड़ा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, नादिया, हुगली और पूर्वी बर्धमान पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।


चुनाव परिणामों का महत्व

इन क्षेत्रों के परिणाम चुनाव की दिशा को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। दूसरे चरण में जिन 142 सीटों पर मतदान होगा, उनमें से तृणमूल कांग्रेस ने 2021 में 123 सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा को केवल 18 सीटें मिली थीं और ‘इंडियन सेक्युलर फ्रंट’ (आईएसएफ) ने एक सीट पर जीत हासिल की थी।


भाजपा के प्रयासों के बावजूद, ममता बनर्जी की पार्टी ने दक्षिण बंगाल में शानदार जीत हासिल की थी और सत्ता में आई थी। भवानीपुर विधानसभा सीट पर भी मतदान होगा, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का राजनीतिक गढ़ है, जबकि भाजपा ने यहां नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को मैदान में उतारा है।


तृणमूल कांग्रेस की स्थिति

तृणमूल कांग्रेस के लिए इन क्षेत्रों में अपनी स्थिति बनाए रखना महत्वपूर्ण है, जिससे उसके लगातार चौथी बार सत्ता में आने का रास्ता खुला रहेगा। एक वरिष्ठ नेता ने कहा, "यह हमेशा से हमारा सबसे मजबूत क्षेत्र रहा है और 2021 विधानसभा से लेकर 2024 के लोकसभा चुनावों में भी यहां के लोगों ने हमारा समर्थन किया।"


भाजपा के एक नेता ने कहा, "दक्षिण बंगाल में पकड़ बनाए बिना हम सत्ता तक नहीं पहुंच सकते। उत्तर 24 परगना, कोलकाता और हावड़ा असली चुनावी युद्धक्षेत्र हैं।"


मतदाता सूची में बदलाव

राज्य में पहले चरण में 93.19 प्रतिशत मतदान दर्ज होने के बाद, बनर्जी ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस पहले ही 100 सीटों का आंकड़ा पार कर चुकी है। यह राज्य में अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है।


हालांकि, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) ने नाम हटाए जाने के मुद्दे को दूसरे चरण का सबसे संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। उत्तर 24 परगना में 12.6 लाख से अधिक नाम हटाए गए, जबकि दक्षिण 24 परगना में 10.91 लाख, कोलकाता में लगभग 6.97 लाख, हावड़ा में लगभग छह लाख, हुगली में 4.68 लाख और नादिया में लगभग 4.85 लाख नाम हटाए गए।