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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: ममता बनर्जी ने कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने की दी सलाह

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना से पहले, ममता बनर्जी ने अपने कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने बिजली कटौती और CCTV बंद करने की घटनाओं पर चिंता जताई। इस बार 293 सीटों के लिए वोटों की गिनती की जाएगी, जिसमें सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतज़ाम किए गए हैं। राज्य में 92.47% वोटिंग हुई है, जबकि कुछ सीटों पर चुनाव रद्द कर दिए गए हैं। जानें इस चुनावी माहौल में क्या हो रहा है और ममता बनर्जी का क्या कहना है।
 

ममता बनर्जी की अपील

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना से पहले, तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी ने अपने कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा, "आप सभी को नज़र रखनी चाहिए..."। ममता ने बताया कि उन्हें विभिन्न स्थानों से सूचनाएँ मिल रही हैं कि जानबूझकर बिजली काटी जा रही है। हुगली के श्रीरामपुर, नदिया के कृष्णानगर, बर्दवान के औसग्राम और कोलकाता के खुदीराम अनुशीलन केंद्र में ऐसी घटनाएँ सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर और बाहर गाड़ियाँ आ-जा रही हैं, और CCTV कैमरे बंद किए जा रहे हैं। ममता ने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की कि जिस तरह वह रातभर जागकर सब कुछ देख रही हैं, वे भी ऐसा ही करें और स्ट्रॉन्ग रूम में वोटों की सुरक्षा करें। यदि कोई संदिग्ध गतिविधि होती है, तो तुरंत घेराबंदी करें, शिकायत दर्ज करें, और CCTV फुटेज की मांग करें। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब भाजपा के इशारे पर हो रहा है।


मतगणना की तैयारियाँ

पश्चिम बंगाल में 293 सीटों के लिए 77 केंद्रों पर वोटों की गिनती की जाएगी। इस बार सुरक्षा के लिए अभूतपूर्व इंतज़ाम किए गए हैं, और नतीजों के दिन का माहौल काफी तनावपूर्ण रहा है। सत्ताधारी TMC और विपक्षी भाजपा दोनों ने वोटों में हेरफेर की आशंका जताई है।


वोटिंग का आंकड़ा

राज्य में दो चरणों में 92.47% की ऐतिहासिक वोटिंग दर्ज की गई है। उल्लेखनीय है कि दक्षिण 24 परगना ज़िले की फलता सीट पर "गंभीर चुनावी गड़बड़ियों" के कारण चुनाव रद्द कर दिया गया है, और वहाँ 21 मई को पुनः चुनाव होंगे।


राजनीतिक परिदृश्य

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC लगातार चौथी बार सत्ता में आने का लक्ष्य रखती है, जबकि मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा कड़ी चुनौती पेश कर रही है। CPI(M) और कांग्रेस 2021 के चुनावों में हार के बाद अपनी स्थिति को पुनः स्थापित करने की कोशिश कर रही हैं। छोटी पार्टियाँ जैसे हुमायूँ कबीर की AJUP और असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM भी कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी किस्मत आजमा रही हैं।


सुरक्षा इंतज़ाम

मतगणना प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कई स्तरों पर सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 200 कंपनियाँ विशेष रूप से मतगणना केंद्रों पर तैनात की गई हैं। सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य पुलिस, राज्य सशस्त्र पुलिस और CAPF के बीच बाँटी गई है। सभी गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए मतगणना कक्षों के बाहर CCTV कैमरे लगाए गए हैं।