पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव: TMC की बैठक रद्द, विरोध प्रदर्शन की तैयारी
राजनीतिक हिंसा का बढ़ता सिलसिला
पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद से राजनीतिक हिंसा और विवादों का सिलसिला जारी है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले के एक दिन बाद, सोमवार को कोलकाता में राजनीतिक गतिविधियाँ चरम पर पहुँच गईं। ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित निवास पर आयोजित होने वाली पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक को अचानक रद्द करना पड़ा, क्योंकि 80 विधायकों में से केवल 20 ही उपस्थित हुए। इस अनुपस्थिति ने राजनीतिक हलकों में अटकलों को जन्म दिया है। हालांकि, TMC ने इसे जमीनी स्तर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों का परिणाम बताया है।
बैठक रद्द होने के कारण
TMC प्रवक्ता कुणाल घोष ने बताया कि अभिषेक बनर्जी पर हमले और पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी पर हुए हमले के कारण कई विधायक बैठक में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि बैठक पहले से तय थी, लेकिन नेताओं पर हुए हमलों के चलते विधायकों को विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करने पड़े।
विरोध प्रदर्शन की योजना
घोष ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पार्टी ने अगले 48 घंटों में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली BJP सरकार के खिलाफ विरोध कार्यक्रम को तेज करने का निर्णय लिया है। उन्होंने सोमवार को ब्लॉक और वार्ड स्तर पर रैलियों की घोषणा की, जिसके बाद मंगलवार को ममता बनर्जी के नेतृत्व में एक दिन का धरना प्रदर्शन होगा।
विधायकों की स्थिति
घोष ने कहा कि बैठक को स्थगित करने का अनुरोध विधायकों द्वारा किया गया था, जिसे पार्टी ने स्वीकार कर लिया। उन्होंने बताया कि बैठक बाद में आयोजित की जाएगी और सभी विधायकों को संशोधित विवरण भेजा जाएगा।
आगे की रणनीति
घोष ने कहा कि पार्टी के सभी विधायकों ने इस कठिन समय में संगठन के साथ खड़े रहने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि ये रैलियाँ अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी और पार्टी कार्यकर्ताओं पर हुए हमलों के विरोध में होंगी।
राजनीतिक गतिविधियों का विस्तार
TMC विधायक घोष ने बताया कि पार्टी मंगलवार को एस्प्लेनेड में एक दिन का सांकेतिक धरना देगी, जिसका नेतृत्व ममता बनर्जी करेंगी। यह प्रदर्शन चुनाव के बाद जारी हिंसा और फेरीवालों को हटाने के खिलाफ होगा।